शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी (Nifty) चढ़ कर 6016 पर, सेंसेक्स (Sensex) 19 अंक ऊपर

उतार-चढ़ाव के बाद भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक हल्की मजबूती के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स (Sensex) 19 अंक यानी 0.10% की मजबूती के साथ 19,784 पर रहा। निफ्टी 7 अंक यानी 0.11% की बढ़त के साथ 6016 पर बंद हुआ। सीएनएक्स मिडकैप सूचकांक में 0.59% की मजबूती रही। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 0.28% और बीएसई स्मॉलकैप में 0.35% की बढ़त रही। आज के कारोबार में तेल-गैस और पीएसयू क्षेत्र में सबसे ज्यादा खरीदारी का रुख रहा। 
मिले-जुले एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। निफ्टी 6000 के स्तर के ऊपर खुला। लेकिन कारोबार के पहले घंटे में ही बाजार लाल निशान पर चला गया। निफ्टी भी 6000 के स्तर के नीचे फिसला। इसके बाद बाजार में गिरावट पर ही कारोबार होता रहा। यूरोपीय बाजारों के कमजोरी पर खुलने से बाजार की गिरावट बढ़ी। इस दौरान सेंसेक्स 19,680 और निफ्टी 5982 पर दिन के निचले स्तरों तक चल गये। कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार सँभलता नजर आया। निफ्टी 6000 के स्तर को पार कर गया। इसके बाद बाजार में मजबूती आयी और यह हरे निशान पर लौट आया। इस दौरान सेंसेक्स 19,797 और निफ्टी 6021 पर दिन के उच्चतम स्तरों तक चढ़ गये। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में अपने ऊपरी स्तरों के आसपास ही बंद हुए। 
क्षेत्रों के लिहाज से आज तेल-गैस क्षेत्र को सबसे ज्यादा 1.05% का फायदा पहुँचा। पीएसयू में 1.02% की मजबूती रही।  आईटी में 0.95%, टीईसीके में 0.68%, पावर में 0.46%,  कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.40%, रियल्टी में 0.19% और हेल्थकेयर में 0.16% की बढ़त रही। बैंकिंग में 0.09%  की हल्की बढ़त रही। दूसरी ओर, धातु में 1.01% की गिरावट रही। एफएमसीजी में 0.28% और ऑटो में 0.26% कमजोरी रही। कैपिटल गुड्स में 0.08% की हल्की कमजोरी रही। (शेयर मंथन, 04 जनवरी 2013)   
 

 


Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख