शेयर मंथन में खोजें

उतार-चढ़ाव के बाद निफ्टी (Nifty) रहा सपाट

कारोबारी हफ्ते के तीसरे दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स (Sensex) 20 अंक यानी 0.10% की कमजोरी के साथ 19,640 पर बंद हुआ। निफ्टी (Nifty) 2 अंक यानी 0.04% की बढ़त के साथ 5959 पर रहा। सीएनएक्स मिडकैप सूचकांक में 0.10% की बढ़त रही। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 0.02% और बीएसई स्मॉलकैप 0.24% की मजबूती रही। आज के कारोबार में कैपिटल गुड्स और पीएसयू क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिकवाली का रुख रहा। 
सकारात्मक एशियाई संकेतों के बीच बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 19,767 और निफ्टी 5991 पर दिन के ऊपरी स्तरों तक चढ़ गये। इसके बाद बाजार में एक सीमित दायरे में कारोबार होता रहा। मिले-जुले यूरोपीय संकेतों के बीच बाजार की मजबूती में कमी आयी। इसके बाद जैसे-जैसे कारोबार बढ़ता गया, बाजार की मजबूती भी घटती चली गयी। इस दौरान सेंसेक्स लाल निशान पर चला गया। दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स में लाल निशान पर ही ऊपर-नीचे कारोबार होता रहा। हालाँकि निफ्टी में हल्की बढ़त पर कारोबार होता रहा। कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार की गिरावट बढ़ी। इस दौरान निफ्टी भी लाल निशान पर चला गया। सेंसेक्स 19,611 और निफ्टी 5935 पर दिन के निचले स्तरों तक चले गये। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार के अपने निम्न स्तरों के आसपास ही बंद हुए। 
क्षेत्रों के लिहाज से आज कैपिटल गुड्स क्षेत्र में सबसे ज्यादा 0.93% की गिरावट रही। पीएसयू में 0.57%, पावर में 0.49%, बैंकिंग में 0.34% और तेल-गैस में 0.18% की कमजोरी रही। हेल्थकेयर में 0.09% की हल्की कमजोरी रही। दूसरी ओर, रियल्टी को 0.78% का फायदा पहुँचा। आईटी में 0.62%, टीईसीके में 0.60%, एफएमसीजी में 0.32%, धातु में 0.29% की मजबूती रही। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.06% की बढ़त रही। ऑटो में 0.01% की हल्की बढ़त रही। (शेयर मंथन, 06 फरवरी 2013) 

 


Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख