शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी (Nifty) चढ़ कर 5568 पर, सेंसेक्स (Sensex) 115 अंक ऊपर

महँगाई दर में गिरावट की वजह से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स (Sensex) 115 अंक यानी 0.63% की मजबूती के साथ 18,358 पर बंद हुआ। निफ्टी 40 अंक यानी 0.72% की बढ़त के साथ 5568 पर रहा। सीएनएक्स मिडकैप सूचकांक में 0.03% की मामूली बढ़त रही। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 0.15% और बीएसई स्मॉलकैप में 0.43% की मजबूती रही। आज के कारोबार में तेल-गैस और एफएमसीजी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खरीदारी का रुख रहा।  
नकारात्मक एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत भी गिरावट के साथ हुई। इस दौरान निफ्टी 5500 के मनोवैज्ञानिक स्तर को छू गया। सेंसेक्स 18,144 और निफ्टी 5500 पर दिन के निचले स्तरों पर रहे। हालाँकि कारोबार के दूसरे घंटे में बाजार में मजबूती आयी। मार्च महीने में महँगाई दर में गिरावट की खबरों के बीच बाजार हरे निशान पर लौटने में कामयाब रहा। सरकारी आँकड़ों के मुताबिक मार्च 2013 में महँगाई दर घट कर 5.96% हो गयी है, जबकि फरवरी 2013 में यह दर 6.84% रही थी। मार्च 2013 में महँगाई दर पिछले तीन वर्षों के निचले स्तर पर रही है। कमजोर यूरोपीय संकेतों के बावजूद बाजार में मजबूती पर कारोबार होता रहा। दोपहर बाद के कारोबार में बाजार की तेजी बढ़ी। इस दौरान सेंसेक्स 18,424 और निफ्टी 5593 पर दिन के ऊपरी स्तरों तक चढ़ गये। कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार में मजबूती पर एक सीमित दायरे में ही कारोबार होता रहा। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में मजबूती के साथ बंद हुए। 
क्षेत्रो के लिहाज से आज तेल-गैस क्षेत्र को सबसे ज्यादा 2.37% का फायदा हुआ। एफएमसीजी में 1.45% और पीएसयू में 1.38% की मजबूती रही। बैंकिंग में 0.96%, कैपिटल गुड्स में 0.57% और रियल्टी में 0.11% की बढ़त रही। दूसरी ओर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को 2.06% का घाटा हुआ। धातु में 1.21% की गिरावट रही। ऑटो में 0.98%, हेल्थकेयर में 0.77%, पावर में 0.55% और आईटी में 0.40% की कमजोरी रही। टीईसीके में 0.07% की हल्की कमजोरी रही। (शेयर मंथन, 15 अप्रैल 2013) 

 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख