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उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स (Sensex) - निफ्टी (Nifty) मामूली चढ़े

कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक हल्की बढ़त के साथ बंद हुए।
घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़ी चिंताओं की वजह से बाजार पर दबाव बना रहा।
सेंसेक्स (Sensex) 10 अंक यानी 0.05% की हल्की बढ़त के साथ 19,179 पर बंद हुआ। निफ्टी (Nifty) 2 अंक यानी 0.04% की मामूली बढ़त के साथ 5837 पर रहा। सीएनएक्स मिडकैप सूचकांक में 0.39% की कमजोरी रही। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 0.38% की कमजोरी और बीएसई स्मॉलकैप में 0.36% की बढ़त रही। आज के कारोबार में हेल्थकेयर और आईटी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खरीदारी का रुख रहा।  
नकारात्मक एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 19,210 और निफ्टी 5844 पर दिन के ऊपरी स्तरों पर रहे, लेकिन कारोबार के पहले घंटे में ही बाजार बढ़त गँवा कर लाल निशान पर फिसल गया। कारोबार के दूसरे घंटे में बाजार की गिरावट बढ़ी। निफ्टी 5800 के स्तर से नीचे फिसला। इस दौरान सेंसेक्स 19,042 और निफ्टी 5792 पर दिन के निचले स्तरों पर रहे। इस दौरान निफ्टी में 5800 के स्तर के ऊपर-नीचे कारोबार होता रहा। हालाँकि मजबूत यूरोपीय संकेतों की वजह से बाजार अपने निम्न स्तरों से सँभला। इस दौरान बाजार की गिरावट में थोड़ी कमी आयी। निफ्टी 5800 के स्तर को पार कर गया। दोपहर के कारोबार में बाजार की गिरावट बढ़ी। निफ्टी में दोबारा 5800 के स्तर के ऊपर-नीचे कारोबार होता रहा। हालाँकि कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार की गिरावट कम होती चली गयी और बाजार हरे निशान पर लौटने में कामयाब रहा। निफ्टी भी 5800 के स्तर को पार कर गया, लेकिन कारोबार के आखिरी आधे घंटे में बाजार दोबारा लाल निशान पर फिसला। हालाँकि अंत में यह सँभल कर हरे निशान पर बंद हुआ। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में उतार-चढ़ाव के बाद सपाट बंद हुए।
क्षेत्रो के लिहाज से आज हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा 0.66% की मजबूती रही। आईटी में 0.64%, तेल-गैस में 0.51%, टीईसीके में 0.36% और ऑटो में 0.12% की बढ़त रही। पावर में 0.06% की मामूली बढ़त रही। दूसरी ओर, कैपिटल गुड्स को सबसे ज्यादा 1.29% का घाटा हुआ। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.14% की गिरावट रही। रियल्टी में 0.67%, बैंकिंग में 0.33%, पीएसयू में 0.32%, धातु में 0.26% की कमजोरी रही। एफएमसीजी में 0.03% की मामूली कमजोरी रही। (शेयर मंथन, 23 अप्रैल 2013)
 

 

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