शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी (Nifty) चढ़ कर 5916 पर, सेंसेक्स (Sensex) 227 अंक चढ़ा

अप्रैल वायदा सीरीज (F&O) के आखिरी दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक तेजी के साथ बंद हुए।
आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती किये जाने की उम्मीदों से बाजार को फायदा पहुँचा।
निफ्टी (Nifty) 5900 के मनौवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद हुआ। 15 मार्च 2013 के बाद निफ्टी पहली बार इस स्तर को पार करने में कामयाब रहा।
सेंसेक्स (Sensex) 227 अंक यानी 1.19% की मजबूती के साथ 19,407 पर बंद हुआ। निफ्टी 79 अंक यानी 1.36% की बढ़त के साथ 5916 पर रहा। सीएनएक्स मिडकैप सूचकांक में 0.56% की बढ़त रही। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 0.50% और बीएसई स्मॉलकैप में 0.09% की बढ़त रही। आज के कारोबार में ऑटो और हेल्थकेयर क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खरीदारी का रुख रहा।  
मिले-जुले एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में मजबूती पर एक सीमित दायरे में कारोबार होता रहा। यूरोपीय बाजारों से मिले-जुले रुख के बीच बाजार में मजबूती जारी रही। इस दौरान निफ्टी 5900 के स्तर को पार कर गया। दोपहर के कारोबार में बाजार की मजबूती में थोड़ी कमी आयी। निफ्टी 5900 के स्तर से नीचे फिसला। कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार की मजबूती घटी। इस दौरान सेंसेक्स 19,192 और निफ्टी 5853 पर दिन के निचले स्तरों पर रहे। हालाँकि कारोबार के आखिरी घंटे में बाजार में तेजी आयी। निफ्टी दोबारा 5900 के स्तर को पार करने में कामयाब रहा। इस दौरान सेंसेक्स 19,435 और निफ्टी 5925 पर दिन के ऊपरी स्तरों तक चढ़ गये। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में मजबूती के साथ बंद हुए।
क्षेत्रो के लिहाज से आज ऑटो को सबसे ज्यादा 2.79% का फायदा पहुँचा। हेल्थकेयर में 2.04%, तेल-गैस में 1.43%, धातु में 1.42%, बैंकिंग में 1.37%, पावर में 1.17% और पीएसयू में 1.02% की मजबूती रही। कैपिटल गुड्स में 0.85% और एफएमसीजी में 0.58% की बढ़त रही। दूसरी ओर, आईटी में 1.65% की गिरावट रही। टीईसीके में 0.84%, रियल्टी में 0.64% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.48% की कमजोरी रही। (शेयर मंथन, 25 अप्रैल 2013)
 
 

 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख