शेयर मंथन में खोजें

सकारात्मक वैश्विक रुझानों और रुपये में मजबूती के बावजूद बाजार में कमजोरी

सकारात्मक वैश्विक रुझानों और डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती के बावजूद गुरुवार को बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले हैं।

ऊर्जा और धातु को छोड़ कर बाकी सूचकांकों पर बिकवाली का दबाव दिख रहा है।
फेडरव रिजर्व के उम्मीदों के खिलाफ ब्याज दरों को न घटाने के बाद अमेरिकी और एशियाई बाजारों में बढ़ोतरी हुई है। फेड के फैसले से डॉलर कमजोर और परिणास्वरूप रुपया मजबूत हुआ है। आज डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे की मजबूती के साथ 69.48 पर खुला।
बीएसई सेंसेक्स (Sensex) 39,112.74 के पिछले बंद स्तर की तुलना में कमजोरी के साथ 39,042.96 पर खुल कर 9.20 बजे के करीब 125.91 अंक या 0.32% की गिरावट के साथ 38,986.83 पर है। वहीं एनएसई का निफ्टी (Nifty) 11,691.45 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 11,653.65 पर खुल कर 21.80 अंक या 0.19% की कमजोरी के साथ 11,669.65 पर है।
दूसरी तरफ छोटे-मॅंझोले बाजारों में वृद्धि दिख रही है। बीएसई मिडकैप में 0.31% और बीएसई स्मॉलकैप में 0.67% की बढ़ोतरी है। वहीं निफ्टी मिड 100 में 0.37% और निफ्टी स्मॉल 100 में 1.04% की मजबूती है। इस समय निफ्टी के प्रमुख 50 में से 17 शेयर और सेंसेक्स के प्रमुख 31 शेयरों में से 20 शेयर मजबूत स्थिति में हैं। (शेयर मंथन, 20 जून 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख