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शेयर बाजार

बाजार की तेजी पर लगा विराम,निफ्टी 150, सेंसेक्स 609 अंक गिर कर बंद

वैश्विक बाजारों से मिले जुले संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजारों में चौतरफा बिकवाली देखी गई।

सूचकांक के दिग्‍गजों के तिमाही नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा बाजार, स्‍टॉक आधारित गतिविध‍ि पर रहेगी नजर : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च के प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक शुक्रवार (26 अप्रैल) को मुनाफावसूली और मिलेजुले वैश्विक संकेतों को देखते हुए घरेलू शेयर बाजार में लगातार 5 दिनों से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया। सूचकांक के हेवीवेट में बिकवाली की वजह से निफ्टी आज 150 अंकों की ग‍िरावट के साथ 22420 के स्‍तर पर बंद हुआ। 

Gift Nifty में तेजी, भारतीय बाजार में धीमा रह सकता है कारोबार

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के अंतिम दिन शुक्रवार (26 अप्रैल) को कारोबार की धीमी शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.10 बजे के आसपास 17.00 अंकों की तेजी नजर आ रही है और यह 0.07% के अंत‍र के साथ 22,690.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

बाजार में जारी रह सकती है ब्रेकआउट संरचना, स्‍तरों को समझें कारोबारी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक गुरुवार (26 अप्रैल) को मासिक वायदा निप्‍टान के अंतिम दिन बेंचमार्क सूचकांक में मजबूती देखने को म‍िली। निफ्टी 168 अंक और सेंसेक्स 487 अंकों की उछाल के साथ बंद हुए।

निचले स्तर से बाजार में शानदार सुधार, निफ्टी 168, सेंसेक्स 486 अंक चढ़ कर बंद

वैश्विक बाजारों से सुस्त संकेत देखने को मिले। सीमित दायरे में कारोबार के बीच अमेरिकी बाजार की मिलीजुली चाल रही।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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