शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार

Gift Nifty में नरमी, भारतीय बाजार में कारोबार की धीमी शुरुआत के संकेत

भारतीय शेयर बाजार में मासिक निप्टान के दिन गुरुवार (29 फरवरी) को कारोबार की धीमी शुरुआत के आसार दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.10 बजे के आसपास 28.50 अंकों की गिरावट नजर आ रही है और यह 0.13% के अंतर के साथ 22,092.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

मासिक निपटान से पहले बाजार में भारी बिकवाली, निफ्टी 247, सेंसेक्स 790 अंक गिर कर बंद

वैश्विक बाजारों से मिले जुले संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजार में मिला जुला प्रदर्शन रहा। डाओ जोंस करीब 100 अंक गिरकर बंद हुआ, वहीं नैस्डैक निचले स्तर से 100 अंक संभलकर बंद हुआ। कंज्यूमर कॉन्फिडेंस के आंकड़े अनुमान से कम रहा।

बाजार में ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव, दैनिक चार्ट पर बनी सुस्ती की कैंडल : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक सोमवार (26 फरवरी) को बेंचमार्क सूचकांक में ऊपरी स्तरों पर मुनाफवसूली देखने को मिली, जिससे निफ्टी 91 अंक और सेंसेक्स 353 अंकों के नुकसान के साथ बंद हुए। 

निचले स्तर से शानदार सुधार के बाद बाजार बढ़त के साथ बंद

वैश्विक बाजार से हल्के कमजोरी वाले संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजार में कमजोरी वाला कारोबार देखा गया।

Gift Nifty में गिरावट दे रही भारतीय बाजार में नरमी के साथ कारोबार के संकेत

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (27 फरवरी) को कारोबार की सुस्त शुरुआत के आसार दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.10 बजे के आसपास 66.50 अंकों की गिरावट नजर आ रही है और यह 0.30% के अंतर के साथ 22,112.50 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख