इनोविजन अपना नया आईपीओ लेकर बाजार में उतरने जा रही है, जिसकी शुरुआत 10 मार्च से होगी और 12 मार्च तक निवेशक इसमें बोली लगा सकेंगे।
करीब 322 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में कंपनी ने प्राइस बैंड 521 से 548 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जबकि शेयर का फेस वैल्यू 10 रुपये रखा गया है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रणदीप हुंडल और सीईओ व डायरेक्टर Udaypal Singh ने बातचीत में कंपनी के सफर, बिजनेस मॉडल और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से जानकारी दी।
कंपनी की शुरुआत वर्ष 2007 में केवल 8 लाख रुपये की पूंजी के साथ हुई थी। रणदीप हुंडाल, जिनका परिवार कई पीढ़ियों से रक्षा सेवाओं से जुड़ा रहा है, सेना में सेवा देने के बाद व्यवसाय में आए और अपने मित्र उदयपाल सिंह के साथ मिलकर इस कंपनी की स्थापना की। शुरुआत में कंपनी ने सिक्योरिटी गार्ड सेवाओं से काम शुरू किया था और पहला कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ दो गार्ड्स का था। समय के साथ यह छोटा प्रयास एक बड़े संगठित व्यवसाय में बदल गया और आज कंपनी के पास 15,000 से अधिक कर्मचारी हैं, 40 से ज्यादा कार्यालय हैं और यह देश के 23 राज्यों तथा कई केंद्र शासित प्रदेशों में सेवाएं दे रही है।
कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से तीन बड़े वर्टिकल्स पर आधारित है, मैनपावर सर्विसेज, स्किल डेवलपमेंट और टोल प्लाजा ऑपरेशंस। शुरुआती दौर में सिक्योरिटी सेवाओं से शुरू हुआ कारोबार बाद में फैसिलिटी मैनेजमेंट और टेंपरेरी स्टाफिंग तक फैल गया। वर्ष 2014 में सरकार द्वारा स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिए जाने के बाद कंपनी ने ट्रेनिंग और स्किलिंग के क्षेत्र में भी कदम रखा। इसके बाद 2019 में टोल प्लाजा ऑपरेशंस का नया वर्टिकल शुरू किया गया, जो आज कंपनी के कुल राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा बन चुका है। वर्तमान में कंपनी की लगभग 57% आय टोल प्लाजा संचालन से, करीब 41% मैनपावर सेवाओं से और शेष हिस्सा स्किल डेवलपमेंट से आता है।
कंपनी का दावा है कि उसके तीनों वर्टिकल एक-दूसरे को पूरक करते हैं, जिससे संचालन क्षमता और लाभप्रदता बेहतर बनी रहती है। कंपनी के अनुसार उसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) लगभग 35–36% और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) करीब 41% के आसपास है। इसके अलावा कंपनी की दो सहायक कंपनियां भी हैं, जिनमें एक ड्रोन पायलट ट्रेनिंग और ड्रोन टेक्नोलॉजी से जुड़ी है, जबकि दूसरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्किल्ड मैनपावर उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। कंपनी ने हाल ही में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली लाइन भी शुरू की है, जिसके कुछ उत्पाद रक्षा क्षेत्र के ट्रायल्स पास कर चुके हैं।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो हाल के वर्षों में कंपनी की आय और मुनाफे में तेज वृद्धि देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2024–25 में कंपनी का कुल राजस्व लगभग 896 करोड़ रुपये रहा, जबकि कर पश्चात लाभ करीब 29 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी का कहना है कि उसका कारोबार काफी हद तक वर्किंग कैपिटल पर निर्भर करता है, इसलिए जैसे-जैसे फंडिंग की उपलब्धता बढ़ी, वैसे-वैसे कारोबार भी तेजी से बढ़ा। कंपनी को उम्मीद है कि आईपीओ से जुटाई गई पूंजी भविष्य में विस्तार और नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने में मदद करेगी।
कंपनी के प्रबंधन का कहना है कि आने वाले वर्षों में उनका फोकस खासतौर पर टोल प्लाजा ऑपरेशंस और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में विस्तार पर रहेगा। उनका लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में कंपनी अपने तीनों प्रमुख क्षेत्रों में देश की अग्रणी कंपनियों में शामिल हो। इस तरह इनोविजन अपने आईपीओ के जरिए न केवल पूंजी जुटाने बल्कि अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की योजना बना रही है।
(शेयर मंथन, 07 मार्च 2026)
(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)