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Midcap Index Analysis: चुनाव के नतीजों से पहले मिडकैप में क्या बनायें रणनीति?

Expert Shomesh Kumar: इस सूचकांक में राउंडिंग टॉप जैसा ढाँचा बन रहा है और इसमें 50 डीएमए और 100 डीएमए दोनों स्तर बेहद अहम होते हैं। इसमें 47950 के स्तर पर जो लो बना था, वो बेहद अहम है। इस सूचकांक में अगर ये स्तर टूटा तो 200 डीएमए तक के स्तर जल्दी देखने को मिल सकते हैं।

Smallcap Index Analysis: चुनाव के नतीजों से पहले स्मॉलकैप में क्या बनायें रणनीति?

Expert Shomesh Kumar: स्मॉलकैप इंडेक्स अभी मिडकैप इंडेक्स से थोड़ा ज्यादा संवेदनशील लग रहा है। इस सूचकांक की स्थिति ज्यादा गंभीर है। इसमें आपको 15200 के स्तर का ध्यान रखना चाहिए। इस स्तर के नीचे जाने पर इसमें ब्रेकडाउन हो सकता है और 13500 के स्तर तक गिरावट आ सकती है।

Nifty Bank Nifty Prediction: बाजार को है बड़े संकेत का इंतजार, चुनाव नतीजे हो सकते हैं वो इशारा

Expert Ambareesh Baliga: भारतीय शेयर बाजार मौजूदा समय में 23,000 से 22,000 के स्तर के बीच झूल रहा है। मोटेतौर पर असमंजस की स्थिति नजर आ रही है। आये दिन इसका रुझान बदल जा रहा है। मेरा मानना है कि बाजार काफी चल चुका है और इस दौरान कोई खास करेक्शन देखने को नहीं मिला है।

How to read doji candle? डोजी केंडल को कैसे एनालिसिस करें? सीखें एक्सपर्ट शोमेश कुमार से

Expert Shomesh Kumar: दोजी का मतलब होता है असमंजस, अर्थात बाजार ये नहीं समझ पा रहा है कि यहाँ से उसे करना क्या है। काफी गिरने के बाद डोजी कैंडल बना तो आप यह समझें की उस डोजी कैंडल का अगर निचला स्तर है उस स्तर के नीचे जब तक बाजार बंद नहीं होता है, वहाँ से रिवर्सल यानी वापसी होने की संभावना बहुत ज्यादा रहती है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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