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जनवरी 2017

मँझोली और दीर्घ अवधि में सकारात्मक धारणा

वैभव अग्रवाल
रिसर्च प्रमुख, एंजेल ब्रोकिंग
सरकार की ओर से प्रमुख सुधार कार्यक्रमों पर प्रगति का अभाव है।

बुनियादी ढाँचे पर खर्च बढ़ने की आशा

sharmila joshiशर्मिला जोशी
निवेश सलाहकार, चेशायर इन्वेस्टमेंट
अभी घरेलू और वैश्विक दोनों लिहाज से काफी बाधाएँ हैं।

यह साल चुनौतियों से भरा, नोटबंदी ने मारा

pankaj jainपंकज जैन
निदेशक, एसडब्लू कैपिटल
मेरा मानना है कि साल 2017 बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण और ठहराव वाला होगा।

काली अर्थव्यवस्था सिकुड़ने से होगा फायदा

vijay chopraविजय चोपड़ा
एमडी एवं सीईओ, इनोच वेंचर्स
म्यूचुअल फंडों के बढ़ते एयूएम और बाजार में निवेशकों का फिर से लौटना बाजार के लिए सकारात्मक पहलू हैं।

आगे बाजार के अच्छे प्रदर्शन की आशा

surendra goelसुरेंद्र कुमार गोयल
निदेशक, बोनांजा पोर्टफोलिओ
भारतीय बाजार के लिए चिंता के मुख्य बिंदु कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि, रुपये की कमजोरी, फेडरल दरों में वृद्धि की आशंका आदि हैं।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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