शेयर मंथन में खोजें

व्हील्स इंडिया (Wheels India) को 1,960 रुपये के लक्ष्य भाव के साथ खरीदें : एसएमएसी ग्लोबल (SMC Global)

ब्रोकिंग फर्म एसएमसी ग्लोबल (SMC Global) का अनुमान है कि व्हील्स इंडिया (Wheels India) के शेयर की कीमत आने वाले 8-10 महीनों में 1,960 रुपये तक ऊपर जा सकती है।

यह इसके मौजूदा भाव से 23% ज्यादा है। एसएमसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2017-18 में इसकी प्रति शेयर आय (EPS) 59.21 रुपये होगी, जिस पर 33.10 के पीई अनुपात के मूल्यांकन पर इसने 1,960 रुपये का लक्ष्य भाव तय किया है।
व्हील्स इंडिया में निवेश के लिए एसएमसी ने तर्क दिया है कि टीवीएस ग्रुप द्वारा प्रमोटेड यह कंपनी स्टील पहियों का उत्पादन करती है। कंपनी जिन क्षेत्रों के लिए पहिये बनाती है उनमें कार, उपयोगिता वाहन, कमर्शियल वाहन, ट्रैक्टर, एकल पीस पहिये और निर्माण तथा अर्थ मूवर पहिये शामिल हैं। इनके अलावा व्हील्स इंडिया बसों तथा ट्रकों के लिए एयर सस्पेंशन किट भी बनाती है। कंपनी अपना 15% टर्नओवर निर्यात से प्राप्त करती है, जिसमें से 70% कृषि, निर्माण और खदान उपकरणों के पहियों से मिलता है। व्हील्स इंडिया ने हमेशा नये ग्राहक वाहन मॉडल के लिए नये उत्पादों के विकास पर काम किया है। साथ ही इस समय यह लागत घटाने और मौजूदा उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने पर काम कर रही है। इसी रणनीति के तहत कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 221 नये उत्पादों का विकास किया। व्हील्स इंडिया के प्रबंधन के अनुसार कमर्शियल वाहन बाजार कंपनी के लिए सबसे बड़े बाजारों में से एक है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में करीब 30% वृद्धि हुई। इस साल घरेलू बाजार में निर्माण उपकरण और खदान क्षेत्र में विकास की काफी संभावना है। कंपनी प्रबंधन ग्रामीण इलाकों के लिए काफी विचार कर रहा है, क्योंकि सामान्य से अधिक मॉनसून के कारण ट्रैक्टर पहियों की माँग बढ़ने की संभावना है। कंपनी पहिया व्यापार को छोड़ कर अन्य क्षेत्रों पर भी ध्यान लगा रही है। हालाँकि इससे अभी कंपनी को केवल 15% आमदनी प्राप्त होती है। व्हील्स इंडिया ट्रक, ट्रेलर और रक्षा उपकरणों के उत्पादन के लिए कंपनी अपनी क्षमता का विस्तार कर रही है। एयर सस्पेंशन सिस्टम के साथ कंपनी को बसों के लिए पहियों की माँग में बढ़त से अपने कारोबार में वृद्धि की भी उम्मीद है। (शेयर मंथन, 28 अक्टूबर 2017)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख