शेयर मंथन में खोजें

सोमवार के लिए राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) के चुनिंदा शेयर

rajesh agarwal cd equisearc

ओम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने सोमवार (04 जून) के एकदिनी कारोबार के लिए चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट (Cholamandalam Investment), इंजीनियर्स इंडिया (Engineers India), टाटा मोटर्स (Tata Motors) के शेयर खऱीदने तथा वी-गार्ड (V-Guard) और सेंचुरी टेक्सटाइल्स (Century Textiles) के शेयर बेचने की सलाह दी है।

राजेश अग्रवाल ने चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट (1581.60) को 1620.00 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है और इस सौदे में घाटा काटने का स्तर (स्टॉप लॉस) 1550.00 रुपये रखने के लिए कहा है। इंजीनियर्स इंडिया (132.05) के लिए उन्होंने सलाह दी है कि इसे 138 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदें। इस खरीदारी सौदे में घाटा काटने का स्तर 128 रुपये होगा। टाटा मोटर्स (287.20) को 295 रुपये के लक्ष्य के साथ खऱीदने के लिए कहा गया है और इसमें घाटा काटने का स्तर 281 रुपये का है।
राजेश अग्रवाल ने वी-गार्ड (208.90) को 200 रुपये के लक्ष्य भाव के साथ बेचने के लिए कहा है, जबकि इस सौदे में घाटा काटने का स्तर 215 रुपये का है। उन्होंने सेंचुरी टेक्सटाइल्स (913.30) को 894 रुपये के लक्ष्य के साथ बेचने की सलाह दी है और इसमें घाटा काटने का स्तर 930 रुपये पर रखने के लिए कहा है।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है। 

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में विश्लेषक या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 02 जून 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख