शेयर मंथन में खोजें

बुधवार के लिए राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) के चुनिंदा शेयर

rajesh agarwal cd equisearcएयूएम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने बुधवार (29 सितम्बर) के एकदिनी कारोबार के लिए आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank), भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स (Bharat Heavy Electricals), मैथन अलॉयज (Maithan Alloys), सन फार्मास्यूटिकल (Sun Pharmaceutical) और हिमाद्रि स्पेशिएलिटी केमिकल (Himadri Speciality Chemical) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।

राजेश अग्रवाल ने आईडीबीआई बैंक (44.55) को 48 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है और इस सौदे में घाटा काटने का स्तर (स्टॉप लॉस) 42 रुपये पर रखने के लिए कहा है। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स (60.35) के लिए उन्होंने सलाह दी है कि इसे 58 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदें। इस खरीदारी सौदे में घाटा काटने का स्तर 58 रुपये होगा। मैथन अलॉयज (1,060.45) को 1,100 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने के लिए कहा गया है और इसमें घाटा काटने का स्तर 1,025 रुपये का है।

राजेश अग्रवाल ने सन फार्मास्यूटिकल (775.10) को 800 रुपये के लक्ष्य भाव के साथ खरीदने के लिए कहा है, जबकि इस सौदे में घाटा काटने का स्तर 754 रुपये का है। हिमाद्रि स्पेशिएलिटी केमिकल (53.10) का शेयर 57 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है और इसमें घाटा काटने का स्तर 50 रुपये पर रखने के लिए कहा है।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है। 

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में विश्लेषक या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 29 सितम्बर 2021)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख