शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी, माइंडट्री, टाइटन, गोकलदास एक्सपोर्ट, जेके पेपर खरीदें : आईसीआईसीआई डायरेक्ट

आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने आज अपनी रिपोर्ट मोमेंटम पिक्स में बुधवार (21 मार्च) के एकदिनी कारोबार के लिए निफ्टी (Nifty), माइंडट्री (Mindtree) और टाइटन (Titan) के शेयर खरीदने की सलाह दी है। साथ ही इसने 14 दिनों के लिए गोकलदास एक्सपोर्ट (Gokaldas Export), जेके पेपर (JK Paper) में खरीदारी की सलाह दी है। 

आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने निफ्टी को 17,365-17,395 के दायरे में खरीद कर 17,431-17,482 रुपये का लक्ष्य रखने की सलाह दी है। इस सौदे में घाटा काटने का स्तर (स्टॉप लॉस) 17,327 रुपये पर रखने के लिए कहा गया है। इस रिपोर्ट में सलाह है कि माइंडट्री को 4,050-4,055 के दायरे में खरीद कर 4,085-4,120 रुपये का लक्ष्य रखें। इस खरीदारी सौदे में घाटा काटने का स्तर 4,017.70 रुपये का है।
इस ब्रोकिंग फर्म ने अपनी इस दैनिक रिपोर्ट में टाइटन के लिए सलाह दी है कि इसे 2,720-2,724 के दायरे में खरीदें और 2,739.70-2,756 रुपये का लक्ष्य रखें। इस खरीदारी सौदे में घाटा काटने का स्तर 2,703.70 रुपये होगा।

गोकलदास एक्सपोर्ट को इसने 14 दिनों की अवधि के लिहाज से 402-410 के दायरे में खरीदने की सलाह दी है। इस सौदे का लक्ष्य 440 रुपये का है। इसमें घाटा काटने का स्तर 386 रुपये का है। साथ इसने जेके पेपर को भी 14 दिनों की अवधि के लिहाज से 308-316 के दायरे में खरीदारी की सलाह दी है। इस सौदे का लक्ष्य 338 रुपये का है। इसमें घाटा काटने का स्तर 297 रुपये होगा।

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म के ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 23 मार्च 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख