शेयर मंथन में खोजें

वोल्‍टास और डाबर इंडिया बेचें, सिनजीन इं‍टरनेशनल खरीदें : रिलायंस सिक्योरिटीज

रिलायंस सिक्योरिटीज (Reliance Securities) ने शुक्रवार (14 जून) के एकदिनी कारोबार (intraday trade) के लिए अपनी रिपोर्ट मार्केट लेंस में वोल्‍टास (Voltas Ltd) और डाबर इंडिया (Dabur India Ltd) के स्टॉक में पोजीशन शॉर्ट करने, जबकि सिनजीन इंटरनेशनल (Syngene International Ltd) को खरीदने की सलाह दी है।

ब्रोकिंग कंपनी ने वोल्‍टास का स्टॉक बेचने का परामर्श दिया है। इसे 1494-1505 रुपये के दायरे में बेच सकते हैं। इसके लिए 1460 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 1522 रुपये पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 1483 रुपये था। 

आज डाबर इंडिया का स्टॉक 614-619 रुपये के दायरे में बेचने की सलाह दी है। इसके लिए 600 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 626 रुपये के स्तर पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 610 रुपये था।

ब्रोकिंग कंपनी ने सिनजीन इंटरनेशनल के स्टॉक को 686-691 रुपये के दायरे में खरीदने का सुझाव दिया है। इसके लिए 709 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 682 रुपये पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 697 रुपये था।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है।

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 14 जून 2024)

(आप भी किसी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख