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विदर्भ, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा की संभावना - स्काईमेट (Skymet)

मौसम भविष्यवक्ता एजेंसी स्काईमेट (Skymet) ने अगले 24 घंटों के दौरान विदर्भ के कुछ हिस्सों, आंतरिक ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की उम्मीद जतायी है।

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में बारिश की संभावना - स्काईमेट (Skymet)

मौसम भविष्यवक्ता एजेंसी स्काईमेट (Skymet) ने अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की उम्मीद जतायी है।

सोने पर घटे आयात शुल्क और जीएसटी - नीति आयोग

खबरों के अनुसार केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण प्रबुद्ध संस्था नीति आयोग (NITI Aayog) ने सरकार को सोने पर जीएसटी और आयात शुल्क घटाने का सुझाव दिया है।

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में जोरदार बारिश की उम्मीद - स्काईमेट (Skymet)

मौसम भविष्यवक्ता एजेंसी स्काईमेट (Skymet) ने अगले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम और मध्य उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ के हिस्सों में भारी से बहुत भारी के साथ हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद जतायी है।

दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में बारिश की उम्मीद - स्काईमेट (Skymet)

मौसम भविष्यवक्ता एजेंसी स्काईमेट (Skymet) ने अगले 24 घंटों के दौरान दिल्ली, हरियाणा के कुछ हिस्सों, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में भारी के साथ हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद जतायी है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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