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Joyalukkas, Snapdeal और boAt के बाद Fabindia ने भी किया IPO वापस लेने का फैसला, Mama Earth को मंजूरी का इंतजार

परिधान रिटेल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी फैबइंडिया (Fabindia) ने अपना आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) वापस लेने का फैसला किया है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि बाजार के मुश्किल हालात को देखते हुए आईपीओ वापस लेने का फैसला किया गया है।

आभूषण कंपनी जॉयलुकास ने वापस लिया 2300 करोड़ रुपये का आईपीओ

केरल से संचालित आभूषण कंपनी जॉयलुकास ने अपना 2300 करोड़ रुपये का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) वापस ले लिया है। भारतीय प्रतिभूति एवं बाजार नियामक (SEBI) की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक कंपनी ने इससे अपने हाथ पीछे खींच लिये हैं।

दिसंबर तिमाही में 4.6% जीडीपी वृद्धि का अनुमान, के-आकार की रिकवरी से धीमा होगा औद्योगिक विकास

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अर्थशास्त्रियों ने दिसंबर तिमाही के लिए 4.6% की जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। एक अन्य रिपोर्ट में के-आकार की रिकवरी की वजह से औद्योगिक विकास की रफ्तार में कमी आने की भी आशंका जतायी गयी है।

धोखाधड़ी के आरोप में छह संस्थाओं पर सेबी ने लगाया 62 लाख रुपये का जुर्माना

पूँजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (SEBI) ने नॉर्थ ईस्टर्न कैरीइंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (NECC) के शेयरों में धोखाधड़ी वाले व्यापार में लिप्त होने के लिए मंगलवार (21 फरवरी) को छह इकाइयों पर कुल 62 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

रक्षा क्षेत्र में उतरेगी मेघा इंजीनियरिंग की कंपनी, यूएई की कंपनी के साथ बनाएगी छोटे हथियार

मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर (Megha Engineering and Infrastructure) की समूह कंपनी आईसीओएमएम (ICOMM) रक्षा क्षेत्र में उतरने जा रही है। उसने पिस्तौल और स्नाइपर राइफल जैसे छोटे हथियारों के स्थानीय निर्माण के लिए संयुक्त अरब अमीरात स्थित छोटे हथियार निर्माता काराकल (Caracal) के साथ एक लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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