शेयर मंथन में खोजें

20 करोड़ हुए एनएसई के कुल खाते, आठ महीने में जोड़े 3.1 करोड़ क्लाइंट कोड

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के लिए अक्टूबर 2024 का महीना बेहद अहम पड़ाव साबित हुआ है। केवल आठ महीने में एनएसई में 3.1 करोड़ ग्राहक कोड (खातों) जुड़े हैं जिससे इनकी कुल संख्या 20 करोड़ (200 मिलियन) से अधिक हो गयी है। फरवरी 2024 में यह 16.9 करोड़ (169 मिलियन) था।

3.6 करोड़ खातों के साथ महाराष्ट्र सबसे आगे है। इसके बाद उत्तर प्रदेश (2.2 करोड़), गुजरात (1.8 करोड़), राजस्थान और पश्चिम बंगाल (प्रत्येक 1.2 करोड़) हैं। इन राज्यों में कुल ग्राहक खातों का लगभग 50% हिस्सा है, जबकि शीर्ष दस राज्यों में कुल ग्राहक खातों का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा है। यूनीक पंजीकृत निवेशक आधार अब 10.5 करोड़ है, जो 8 अगस्त, 2024 को 10 करोड़ (100 मिलियन) था।

एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी, श्रीराम कृष्णन ने कहा, “हमने अपने निवेशक आधार में एक और उल्लेखनीय मील का पत्थर हासिल किया है, फरवरी की लगभग 17 करोड़ की गिनती के बाद केवल आठ महीनों में एक्सचेंज के कुल खातों में लगभग तीन करोड़ की वृद्धि देखी गयी है। यह असाधारण वृद्धि डिजिटल परिवर्तन और तकनीकी नवाचार द्वारा संचालित भारत की विकास कहानी में निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाती है।

मोबाइल ट्रेडिंग एप्लिकेशन को व्यापक रूप से अपनाने और सरकार की डिजिटल पहलों द्वारा समर्थित निवेशक जागरूकता में वृद्धि ने बाजार पहुँच को प्रभावी ढंग से लोकतांत्रिक बना दिया है। इससे विशेष रूप से टियर 2, 3 और 4 शहरों के निवेशकों को लाभ हुआ है। यह विस्तार सुव्यवस्थित केवाईसी प्रक्रियाओं, उन्नत वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों और निरंतर सकारात्मक बाजार भावनाओं द्वारा समर्थित है।

यह इक्विटी, ईटीएफ, आरईआईटी, इनविट और विभिन्न बांड सहित विभिन्न निवेश उपकरणों में मजबूत भागीदारी से पता चलता है। यह मील का पत्थर भारत के उभरते वित्तीय परिदृश्य और खुदरा निवेश पहुँच के साथ प्रौद्योगिकी के सफल संलयन को दर्शाता है।''

(शेयर मंथन, 30 अक्तूबर 2024)

(आप भी किसी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख