आईपीओ से जुटाए गए फंड का कैसे करेगी इस्तेमाल आईसी इलेक्ट्रिकल्स?
आईसी इलेक्ट्रिकल्स अपने आईपीओ के जरिए लगभग 48 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
आईसी इलेक्ट्रिकल्स अपने आईपीओ के जरिए लगभग 48 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
भारत में ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स का बाजार लगातार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसका पूरा फायदा फिलहाल ब्लू डार्ट जैसी लॉजिस्टिक्स कंपनियों को मिलता नहीं दिख रहा।
आईसी इलेक्ट्रिकल्स (IC Electricals) का अधिकांश कारोबार भारतीय रेलवे से जुड़ा हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल सबसे दिलचस्प स्थिति बैंकिंग और आईटी सेक्टर के बीच देखने को मिल रही है।
भारतीय शेयर बाजार ने लगातार पांचवे सप्ताह भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।
ब्लू डार्ट अपने सेगमेंट की सबसे मजबूत और भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स कंपनियों में गिनी जाती है, लेकिन इसके बावजूद पिछले कुछ समय से कंपनी के शेयर में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन देखने को नहीं मिला है।
भारतीय रेलवे में लगातार बढ़ते निवेश और इलेक्ट्रिफिकेशन अभियान के बीच रेलवे इलेक्ट्रिकल उपकरण बनाने वाली कंपनी आईसी इलेक्ट्रिकल्स अपना आईपीओ लेकर आ रही है।
हाल के दिनों में सेलो वर्ल्ड और विम्पलास्ट के मर्जर को लेकर निवेशकों के बीच काफी चर्चा रही है।
IREDA का शेयर पिछले एक साल में काफी उतार-चढ़ाव से गुजरा है।
सोने के साथ-साथ चांदी में भी इस समय कमजोरी का रुख बना हुआ है।
अगर आपके पास केवल 90 दिनों के लिए अतिरिक्त पैसा है और आप यह सोच रहे हैं कि बैंक एफडी बेहतर रहेगी या सोने में निवेश, तो एक्सपर्ट की राय साफ है कि इतने कम समय के लिए गोल्ड में निवेश करना समझदारी नहीं होगी।
अफजल अंसारी जानना चाहते हैं कि उन्हें सेलो वर्ल्ड (Cello World) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
आलोक रंजन ठाकुर जानना चाहते हैं कि उन्हें इरेडा (IREDA ) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए कच्चे माल की लागत का दबाव अब धीरे-धीरे कम होता दिखायी दे रहा है।
जून 2026 में भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर मजबूती दिखायी। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से निवेशकों का भरोसा लौटा। घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी ने भी बाजार को सहारा दिया।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार एलेकॉन इंजीनियरिंग में फिलहाल सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं।