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हल्दी स्थिर, धनिया के लिए आगे है बाधा - एसएमसी

हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 6,900-7,145 रुपये के दायरे मे कारोबार करने की संभावना है।

इरोद में आवक कम होने के बावजूद हल्दी की हाजिर कीमतों में स्थिरता है। घरेलू बाजारों में पर्याप्त स्टॉक के बीच माँग कम होने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी नही हो रही है। अच्छी क्वालिटी के हल्दी की आवक नही होने से भी कीमतों को मदद नही मिल रही है। इरोद टर्मरिक मर्चेन्ट्स एसोसिएशन सेल्स यार्ड में फिरंगर वेरायटी की कीमते 5,689-8,709 रुपये प्रति क्विंटल है और रुट वेरायटी की कीमतें 5,232-7791 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे मे हैं। रेगुलेटेड मार्केट किमिट में फिंगर वेरायटी की कीमतें 7,469-8,619 रुपये प्रति क्विंटल हैं और रुट वेरायटी की कीमतें 6,759-7,739 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में है। जीरा वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 18,800 रुपये के स्तर पर सपोर्ट की संभावना है। गुजरात के बेंचमार्क बाजार ऊझा में जीरे की कीमतों में 15-20 रुपये प्रति 20 किलो ग्राम की बढ़ोतरी हुई है जबकि राजकोट मे जीरे की कीमतों में स्थिरता रही है। प्रमुख कारोबारी थोक खरीदारी से बच रहे है और बुआई की प्रगति के आधार बाजार के रुझानो का इंतेजार कर रहे हैं। धनिया वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 4,950-5,100 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है और कीमतों की बढ़त पर रोक लग सकती है। अधिक आवक के बीच कमजोर माँग के कारण गुना और राजमगंज बाजार में धनिया की हाजिर कीमतों में 100-200 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम गिरावट हुई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों मे धनिया की बुआई शुरू होने से कारोबारी सावधान हो चुके है। राजस्थान में इस वर्ष धनिया के बुआई क्षेत्र में बढ़ोतरी होने की संभावना है। (शेयर मंथन, 14 नवंबर 2017)

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