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हल्दी में नरमी, जीरे में गिरावट की संभावना - एसएमसी

हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 7,450-7,590 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।

पोंगल के कारण हल्दी के अधिकांश बाजार निजामाबाद, इरोद, डुगगीराला और कुडप्पा कल बंद थे और आज खुलेंगें। इसबीच अधिक आपूर्ति के बीच घरेलू और निर्यात माँग कम होने से बसमतनगर में हल्दी की कीमतों में गिरावट हुई है। दूसरी ओर सांगली में माँग और आपूर्ति के बराबर होने के कारण कीमतों में स्थिरता का रुझान है। देश भर में हल्दी का मौजूदा स्टॉक लगभग 23-25 लाख बैग रहने का अनुमान है। जीरा वायदा (मार्च) की कीमतों में गिरावट जारी रहने की संभावना है और स्थानीय और घरेलू खरीदारों की ओर से कम खरीदारी के कारण कीमतों में 16,600-16,500 रुपये तक गिरावट हो सकती है। अगले हफ्ते अधिक नमी के साथ नयी फसल की आवक के शुरु होने की संभावना है। बाजारों में मिला-जुला रुझान है और कारोबारियों को उम्मीद है कि मौजूदा सीजन में अधिक क्षेत्रा में बुआई के बावजूद कैरी ओवर स्टॉक कम होने के कारण कीमतों को मदद मिल सकती है। लेकिन कुछ कारोबारियों का मानना है कि अधिक उत्पादन अनुमान के कारण कीमतों पर दबाव रह सकता है। धनिया वायदा (अप्रैल) की कीमतें 5,900-6,035 रुपये के दायरे में साइडवेज कारोबार कर सकती हैं। मौजूदा सीजन में कम बुआई की खबरों के कारण कीमतों की गिरावट पर रोक लगी रह सकती है। गुजरात कृषि भाग के अनुसार राज्य में 15 जनवरी तक धनिया की बुआई पिछले वर्ष की समान अवधिके 1,21,100 हेक्टेयर के मुकाबले 42.27% कम होकर 69,900 हेक्टेयर में बुआई हुई है। राज्य में धनिया की सबसे अधिक बुआई सौराष्ट्र क्षेत्र में होती है जहाँ सामान्य रुप से 66,500 हेक्टेयर में बुआई होती है। (शेयर मंथन, 17 जनवरी 2018)

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