शेयर मंथन में खोजें

हल्दी और धनिया में नरमी, जीरे में हो सकती है जवाबी खरीद - एसएमसी

हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 7150-7,100 रुपये के स्तर पर पहुँचने की संभावना है।

देश के हाजिर बाजारों में हल्दी की कीमतों में कमोवेश स्थिरता है। अच्छी आवक के बीच कमजोर माँग के कारण बसमतनगर में हल्दी की कीमतों में 100-200 रुपये की गिरावट हुई है। दूसरी ओर निजामाबाद, डुग्गीराल, सांगला और इरोद में हल्दी की कीमतों में स्थिरता है। निजामाबाद में नयी फसल की हल्दी की कीमतें 6,200-7,400 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम के दायरे में कारोबार कर रही हैं। जीरा वायदा (मार्च) में निचले स्तर पर खरीदारी के कारण शॉर्ट कवरिंग हो सकती है और कीमतों के 16,300-16,400 रुपये के स्तर पर सपोर्ट रहने की संभावना है। यदि हम जीरे के कारोबार पर नजर डालें तो पिछले हफ्ते से ओपेन इंटेरेस्ट में बढ़ोतरी नही हो रही है। इससे पता चलता है कि कीमतों की गिरावट पर रोक लग सकती है। दूसरी ओर अधिक उत्पादन अनुमान के बावजूद कैरी ओवर स्टॉक के कम होने और विश्व बाजार में भारतीय जीरे की बढ़ती माँग के बेहतर रहने की संभावना है। धनिया वायदा (जनवरी) की कीमतों नरमी के रुझान के साथ 5,850-6,050 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है। नयी आपूर्ति के बढ़ते दबाव के कारण कीमतों की बढ़त पर रोक लगी रह सकती है। राजकोट के हाजिर बाजारों में धनिया के नयी फसल की आवक शुरू हो गयी है और फरवरी के अंत तक 15,000-20,000 बैग प्रति होने की संभावना है। (शेयर मंथन, 30 जनवरी 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख