शेयर मंथन में खोजें

सर्राफा बाजार में तेजी का रुझान - एसएमसी

सर्राफा में मुनाफा वसूली होने की संभावना है। लेकिन कुल मिलाकर कीमतों में तेजी का रुझान है।

सोने की कीमतों को 50,800 रुपये पर सहारा और 51,700 रुपये पर बाधा रह सकता है। चांदी की कीमतों में तेजी रहने की संभावना है और कीमतों को 68,400 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 67,300 रुपये पर सहारा रह सकता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी के बारे में आशंकाओं को दूर करने की कोशिश के बाद जोखिम उठाने की क्षमता में बढ़ोतरी होने से रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष तेज होने के कारण सुरक्षित निवेश की माँग की भारपायी होने के कारण आज सोने की कीमतें सपाट कारोबार कर रही है।

यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर शार्किव को बुधवार को भारी बमबारी का सामना करना पड़ा जबकि रूस के सप्ताह भर के आक्रमण की संयुक्त राष्ट्र द्वारा एक ऐतिहासिक वोट में निंदा की गई है। 1945 के बाद एक यूरोपीय राज्य पर सबसे बड़े हमले के कारण 8,70,000 से अधिक लोग पलायन कर गए हैं, जिसके कारण रूस के खिलाफ प्रतिबंधें की बाढ़ आ गयी है, और दशकों बाद पश्चिम में एक व्यापक संघर्ष की आशंका है। व्हाइट हाउस द्वारा घोषित प्रतिबंधें के नये दौर में विशिष्ट शोधन प्रौद्योगिकियों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे रूस के लिए अपनी तेल रिफाइनरियों का आधुनिकीकरण करना कठिन हो गया है। फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि केंद्रीय बैंक अपनी आगामी मार्च की बैठक में ब्याज दरों को सावधानीपूर्वक बढ़ाना शुरू कर देगा, लेकिन अगर मुद्रास्फीति उम्मीद के मुताबिक जल्दी कम नहीं होती है तो अधिक आक्रामक तरीके से बढ़ोतरी के लिए तैयार रहें। इसके बाद वॉल स्ट्रीट में बढ़त हुई और बेंचमार्क अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बुधवार को उच्च स्तर पर पहुँच गयी। (शेयर मंथन, 03 मार्च 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख