शेयर मंथन में खोजें

डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे कमजोर, 71 के स्तर से नीचे पहुँचा

ग्रीनबैक में मजबूती, विदेशी फंडों की निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच मंगलवार को शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपये में 10 पैसे की गिरावट आयी और यह शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले 71 रुपये से नीचे आ गया।


इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में रुपया 70.79 रुपये पर खुला और फिर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 71.02 तक गिर गया, जो पिछले बंद भाव से 10 पैसे कम था। अत्यधिक अस्थिर व्यापार में, स्थानीय मुद्रा भी 70.75 प्रति अमेरिकी डॉलर के उच्च स्तर को छू गई, जो कि पिछले बंद के मुकाबले 17 पैसे की मजबूती दर्शाती है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को 43 पैसे टूटकर करीब एक महीने के निचले स्तर 70.92 पर बंद हुआ।
विदेशी फंडों ने शुद्ध आधार पर पूँजी बाजारों से 732.46 करोड़ रुपये निकाले, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 527.49 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स 296.15 अंक यानि 0.83% की बढ़त के साथ 35,149.71 पर कारोबार कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 47.65 अंक यानि 0.75% की बढ़त के साथ 10,785.25 पर कारोबार कर रहा था।
इस दौरान वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 59.68 प्रति बैरल पर 1.17% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। (शेयर मंथन, 15 जनवरी 2019)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख