सर्राफा की कीमतों के सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
सर्राफा की कीमतों में तेजी रहने की संभावना है।
सर्राफा की कीमतों में अस्थिरता रहने की संभावना है जबकि डॉलर के कारोबार और अमेरिकी औद्योगिक उत्पादन के आँकड़ो से कीमतों को दिशा मिल सकती है।
सर्राफा की कीमतों में अस्थिरता रहने की संभावना है, जबकि डॉलर के कारोबार और फैडरल रिर्जव के चैयरमैन के लिए नामांकित जोरोम पॉवेल के बयानों से कीमतों को दिशा मिल सकती है।
सर्राफा की कीमतों में अस्थिरता रहने की संभावना है। डॉलर के कारोबार और इस वर्ष में भी अमेरिकी ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी की संभावना से कीमतों को दिशा मिल सकती है।
सर्राफा में खरीदारी होने की संभावना है। सोने की कीमतों को 47,700 रुपये पर सहारा और 48,300 रुपये पर रुकावट रह सकता है।
एमसीएक्स गोल्ड की कीमतें 43,500 रुपये और 48,500 रुपये के व्यापक दायरे में कारोबार कर रही हैं।
सर्राफा की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है। सोने की कीमतों को 44,800 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 44,100 रुपये पर सहारा रह सकता है जबकि चांदी (मई) की कीमतों में काफी अधिक उठापटक हो सकती है और कीमतों में 66,200 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 65,100 रुपये पर सहारा रह सकता है।
अमेरिकी बांड यील्ड और डॉलर में गिरावट के कारण सर्राफा की कीमतों में गिरावट हुई और निश्चित रूप से पिछले सात हफ्तें में सबसे अधिक साप्ताहिक बढ़त दर्ज की हैं।
फेड द्वारा मुद्रास्फीति के जोखिमों से मुकाबला करने के लिए मार्च में ब्याज दर में वृद्धि के संकेत के बाद पिछले सप्ताह 1-1 प्रति 2-महीने के निचले स्तर पर खिसकने के बाद से सोने की कीमतें कमोबेश 1,800 डॉलर प्रति औसतन के स्तर पर स्थिर हो गयी हैं।
सर्राफा की कीमतों में तेजी रहने की संभावना है। अमेरिकी नॉन फार्म पेरोल के आंकड़ों और डॉलर के कारोबार से कीमतों को दिशा मिल सकती है।
सर्राफा की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ साइडवेज रहने की संभावना है।
सर्राफा की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है। सोने की कीमतों को 47,600 रुपये पर सहारा और 48,200 रुपये पर रुकावट रह सकता है।
सर्राफा की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
सर्राफा में मुनाफा वसूली होने की संभावना है। लेकिन कुल मिलाकर कीमतों में तेजी का रुझान है।
बुलियन काउंटर ने पूरे सप्ताह तेजी के रुझान के साथ कारोबार किया, जहाँ साल के अंत की अवकाश से पहले सोने की कीमतें 1,800 डॉलर से अधिक हो गयी, यहाँ तक कि डॉलर के स्थिर होने और ओमाइक्रोन कोरोना वायरस से खतरा कम होने की संभावना से जोखिम वाली संपत्ति की माँग में सुधार हुआ।
सर्राफा की कीमतों में तेजी रहने की संभावना है। डॉलर के कमजोर होने और उत्तर कोरिया को लेकर तनाव के कारण सुरक्षित निवेश के लिए खरीदारी होने से कीमतों को मदद मिल सकती है।
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अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।