शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी (Nifty) चढ़ कर 7,593 पर, सेंसेक्स (Sensex) 377 अंक उछला

कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक तेजी के साथ बंद हुए।

यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) द्वारा ब्याज दरें घटाने से घरेलू बाजार को बल मिला। आज दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल पहुँचने से भी बाजार को सहारा मिला।

सेंसेक्स 25,419 और निफ्टी 7,593 अब तक के रिकॉर्ड ऊपरी स्तरों पर पहुँच गये।

निफ्टी (Nifty) 7,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बंद हुए। 

कारोबार के अंत में सेंसेक्स (Sensex) 377 अंक यानी 1.51% की मजबूती के साथ 25,396 पर रहा। निफ्टी 109 अंक यानी 1.46% चढ़ कर 7,583 पर बंद हुआ। सीएनएक्स मिडकैप (CNX Midcap) में 1.67% की मजबूती रही। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 1.59% और बीएसई स्मॉलकैप (BSE Smallcap) में 1.56% की बढ़त रही। क्षेत्रों के लिहाज से आज रियल्टी और तेल-गैस में सबसे ज्यादा खरीदारी का रुख रहा। 

मिले-जुले एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत धमाकेदार रही। निफ्टी 7,500 के स्तर से ऊपर खुला। हालाँकि, इसके बाद बाजार में एक बेहद सीमित दायरे में कारोबार होता रहा। इस दौरान निफ्टी थोड़ी देर के लिए 7,500 के स्तर से नीचे फिसला, लेकिन जल्द ही सँभल कर ऊपर लौट आया। यूरोपीय बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच घरेलू बाजार में मजबूती बढ़ी। दोपहर के कारोबार में बाजार का जोश बढ़ता चला गया। कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार की रफ्तार में उछाल देखने को मिली। इस दौरान सेंसेक्स 25,419 और निफ्टी 7,593 दिन के ऊपरी स्तरों तक चढ़ गये। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में शानदार मजबूती के साथ बंद हुए। 

क्षेत्रों के लिहाज से आज रियल्टी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 5.02% की तेजी रही। तेल-गैस में 4.82%, बैंकिंग में 1.65%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.61%, ऑटो में 1.53%, हेल्थकेयर में 1.39%, एफएमसीजी में 1.30% की मजबूती रही। कैपिटल गुड्स में 0.82%, पावर में 0.74% की बढ़त रही। दूसरी ओर, आईटी में 0.63%, धातु में 0.34% और टीईसीके में 0.29% की कमजोरी रही। (शेयर मंथन, 06 जून 2014)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख