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बाजार में सकारात्मक गति जारी, अमेरिका के आँकड़ों पर रहेगी नजर : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च के प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक मंगलवार (23 अप्रैल) को निफ्टी पूरे सत्र के दौरान सकारात्मक दायरे में बना रहा और 32 अंकों की तेजी के साथ 22368 के स्तर पर बंद हुआ। 

बाजार में ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली, निफ्टी 31, सेंसेक्स 90 अंक चढ़ कर बंद

वैश्विक बाजारों से अच्छे संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजार में दमदार कारोबार देखा गया। डाओ जोंस पर दूसरे दिन खरीदारी रही। डाओ जोंस 250 अंक उछलकर बंद हुआ।

Sensex-Nifty में सुस्त रह सकती है कारोबार की शुरुआत, गिफ्ट निफ्टी में नरमी

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (23 अप्रैल) को कारोबार की सुस्त शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.10 बजे के आसपास 68.50 अंकों की नरमी नजर आ रही है और यह 0.31% टूट कर 22,391.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

बाजार में लौटी तेजी, पुलबैक संरचना जारी रहने के संकेत : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक सोमवार (23 अप्रैल) को बेंचमार्क सूचकांक में सकारात्मक गति कायम रही। निफ्टी 189 अंक और सेंसेक्स 560 अंकों की उछाल के साथ बंद हुए। 

कारोबारी हफ्ते के पहले दिन बाजार में शानदार तेजी, निफ्टी 189, सेंसेक्स 560 अंक चढ़ कर बंद

वैश्विक बाजार से मिलेजुले संकेत देखने को मिले। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। डाओ जोंस 200 अंक चढ़ कर बंद हुआ

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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