शेयर मंथन में खोजें

सन फार्मास्यूटिकल (Sun Pharmaceutical) को हुआ 982.5 करोड़ रुपये का मुनाफा

प्रमुख दवा कंपनी सन फार्मास्यूटिकल (Sun Pharmaceutical) को 2018 की अप्रैल-जून तिमाही में 982.5 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ।

इसके मुकाबले पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 424.9 करो़ड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। इस दौरान कंपनी की कुल आमदनी 6,360.7 करोड़ रुपये से 16.4% बढ़ कर 7,224.2 करोड़ रुपये रह गयी। वहीं इसका एबिटा 46.6% की बढ़त के साथ 1,606.70 करोड़ रुपये और एबिटा मार्जिन 459 आधार अंक बढ़ कर 22.2% रहा।
इसके अलावा साल दर साल आधार पर सन फार्मा का कच्चे माल की लागत में 25.6% और कर्मचारी लागत में 7.8% की बढ़ोतरी हुई। हालाँकि कंपनी के अन्य व्यय में 1.3% की गिरावट आयी, जिसका इसके एबिटा पर सकारात्मक असर पड़ा। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सन फार्मा की घरेलू आमदनी 22% की बढ़ोतरी के साथ 2,152 करोड़ रुपये, अमेरिका में तैयार दवा बिक्री 8% अधिक 38 करोड़ डॉलर और उभरते बाजारों में बिक्री 16% अधिक 19.5 करोड़ डॉलर रही। मगर शेष विश्व में कंपनी की बिक्री 7% घट कर 10.7 करोड़ डॉलर रह गयी।
वित्तीय नतीजों का सन फार्मा के शेयर पर सकारात्मक असर पड़ा है। बीएसई में कंपनी का शेयर 562.75 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 566.20 रुपये पर खुला। करीब सवा 2 बजे जोरदार तेजी के साथ यह 608.10 रुपये तक उछला। सत्र के अंतिम मिनटों में कंपनी के शेयरों में 39.25 रुपये या 6.97% की बढ़ोतरी के साथ 602.00 रुपये पर कारोबार हो रहा है। (शेयर मंथन, 14 अगस्त 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख