शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी (Nifty) 5900 से नीचे

दोपहर के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट बढ़ी है।

दस साल के बॉन्ड पर यील्ड 9% के ऊपर पहुँचने से बाजार पर दबाव बढ़ा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में भी कमजोरी बढ़ी है। 

सेंसेक्स (Sensex) 20,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया है। निफ्टी (Nifty) 5900 के स्तर से नीचे चला गया है। 
दोपहर 2 बजे सेंसेक्स 409 अंक यानी 2.02% की तेज गिरावट के साथ 19,844 पर है। निफ्टी 131 अंक यानी 2.18% गिर कर 5881 पर है। सीएनएक्स मिडकैप में 1.08% की गिरावट है। बीएसई मिडकैप में 1.16% और बीएसई स्मॉलकैप में 0.52% की गिरावट है। आज के कारोबार में बैंकिंग और रियल्टी क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिकवाली का रुख है।
क्षेत्रो के लिहाज से आज बैंकिंग क्षेत्र को सबसे ज्यादा 4.32% का घाटा हुआ है। रियल्टी में 4.21%, कैपिटल गुड्स में 2.87%, पीएसयू में 2.45%, तेल-गैस में 2.18%, पावर में 1.70%, एफएमसीजी में 1.65%, हेल्थकेयर में 1.16% और ऑटो में 1.01% की गिरावट है। धातु में 0.84% की कमजोरी है। दूसरी ओर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2.90% की मजबूती है। आईटी में 0.75% और टीईसीके में 0.21% की बढ़त है। (शेयर मंथन, 23 सितंबर 2013) 
 
 
 

 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख