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सेंसेक्स 464 अंक ऊपर चढ़ा

सात दिनों की लगातार गिरावट के बाद आज कारोबारी हफ्ते के अंतिम दिन भारतीय शेयर बाजारों ने अच्छी बढ़त दर्ज की। शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 464 अंक यानी 5.49%  की बढ़त के साथ 8,915 पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी भी 140 अंक यानी 5.50% की तेजी के साथ 2693 पर बंद हुआ। आज की तेजी में सबसे ज्यादा योगदान पावर, तेल और गैस, कैपिटल गुड्स, टीईसीके, पीएसयू, आईटी और बैंकिंग क्षेत्रों का रहा। बीएसई में इन सभी क्षेत्रों के सूचकांक तकरीबन 4.5-6.2% की उछाल के साथ बंद हुए।

आज सीएनएक्स मिडकैप ने हल्की बढ़त रही। इसी तरह बीएसई का मिडकैप सूचकांक और स्मॉलकैप सूचकांक भी हल्की तेजी के साथ बंद हुआ। यदि सेंसेक्स के शेयरों की बात करें, तो स्टरलाइट इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक और विप्रो ने उछाल दर्ज की। लेकिन डीएलएफ, जयप्रकाश एसोसिएट्स, एसीसी और टाटा पावर में गिरावट रही।

आज भी कमजोरी की संभावना

सलिल शर्मा, पार्टनर, कपूर शर्मा एंड कंपनी

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के मद्देनजर आज भारतीय बाजारों में भी कमजोरी रहने की संभावना है। कल निफ्टी 2,500 के स्तर को बरकरार रखने में कामयाब हो गया था, लेकिन यदि आज यह स्तर टूट जाता है, तो फिर यह 2,200 के स्तर को परखेगा। यह जरूरी नहीं है कि ऐसा आज ही हो जाये, लेकिन आने वाले कुछ सत्रों में यह हो सकता है। चूंकि हम अपने सारे संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों से ही ले रहे हैं, इसलिए यहाँ भी वापसी की उम्मीद तभी की जा सकती है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में वापसी के संकेत मिलेंगे।

विपक्ष के दरवाजे उद्योग

राजीव रंजन झा
देश के तमाम दिग्गज उद्योगपति मांगपत्रों का चिट्ठा लेकर सामने बैठे हों, यह नजारा केवल प्रधानमंत्री और दूसरे वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों के साथ ही दिखता है। लेकिन कल यह नजारा विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी के दरबार का था। यह बैठक आर्थिक संकट से भारत को बचाने में कितनी मददगार होगी, यह तो बाद की बात है, लोगों का सबसे पहला ध्यान इस बात पर गया कि इसमें दोनों अंबानी बंधु पधारे, हाथ मिलाया और एक-दूसरे का हाथ कस कर पकड़ा! इस दृश्य की नाटकीयता चाहे जितनी भी हो, यह इस बात का एक प्रमाण है कि उद्योग जगत ने बीजेपी के बुलावे को कितनी गंभीरता से लिया। तो क्या उद्योग जगत बीजेपी की अगली सरकार बनती देख रहा है? जी नहीं, लेकिन वह मौजूदा यूपीए गठबंधन की धुरी का काम कर रही कांग्रेस से बस थोड़ी-सी सीटें कम पाकर पिछले साढ़े चार साल से विपक्ष की भूमिका निभा रही बीजेपी को नजरअंदाज भी नहीं कर सकता।

भारतीय शेयर बाजारों में मजबूती

2.30: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी है। इस समय सेंसेक्स 205 अंकों की मजबूती के साथ 8,656 पर है, जबकि निफ्टी 67 अंक ऊपर 2620 पर है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक इस समय लाल निशान में हैं। आईटी, टीईसीके, तेल-गैस और कैपिटल गुड्स सूचकांक में 2.3% से अधिक मजबूती है। लेकिन रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, धातु और एफएमसीजी सूचकांक में गिरावट है। रियल्टी सूचकांक में 5.3% की कमजोरी है। टीसीएस में 5.99%, एचडीएफसी में 5.91%, रिलायंस इन्फ्रा में 5.28% और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में 4.86% की बढ़त है। बीएचईएल, एसबीआई, एनटीपीसी, विप्रो और इन्फोसिस में 3.5% से अधिक मजबूती है। लेकिन डीएलएफ में 7.99% और जयप्रकाश एसोसिएट्स 7.05% की गिरावट है।

12.30: एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजारों में बढ़त बनी हुई है। इस समय सेंसेक्स 264 अंकों की मजबूती के साथ 8,715 पर है, जबकि निफ्टी 78 अंक ऊपर 2631 पर चल रहा है। हालांकि बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक हरे निशान में हैं, लेकिन इनकी बढ़त मामूली है। आईटी, टीईसीके, पावर और कैपिटल गुड्स सूचकांक में 3% से अधिक मजबूती है। लेकिन रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक लाल निशान में चल रहे हैं। रियल्टी सूचकांक में लगभग 4% कमजोरी है। टीसीएस में 6.28%, एचडीएफसी में 5.91%, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में 5.74% और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में 5.5% की बढ़त है। रिलायंस इन्फ्रा, बीएचईएल, एसबीआई और रिलायंस कम्युनिकेशंस में 4.5% से अधिक मजबूती है। लेकिन डीएलएफ 4.73% नीचे चल रहा है।

10.30: भारतीय शेयर बाजारों में इस समय मजबूती दिख रही है। सेंसेक्स 124 अंकों की बढ़त के साथ 8,575 पर है, जबकि निफ्टी 43 अंक ऊपर 2596 पर चल रहा है। बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में हल्की गिरावट है। यदि बीएसई क्षेत्रवार सूचकांकों की बात करें, तो रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक लाल निशान में चल रहे हैं। धातु, कैपिटल गुड्स और पावर सूचकांक में 2% से अधिक मजबूती है।

शुरुआती कारोबार में लुढ़के एशियाई बाजार

गुरुवार को यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में आयी कमजोरी के बाद शुक्रवार की सुबह एशियाई बाजारों में गिरावट है। भारतीय समयानुसार सुबह 8 बजे शंघाई कंपोजिट में 3.5% से अधिक कमजोरी है। निक्केई, हैंग सेंग, जकार्ता कंपोजिट और ताइवान वेटेड में 2-2.5% की गिरावट है। स्ट्रेट टाइम्स में 1.5% की कमजोरी है। कॉस्पी में भी हल्की गिरावट है।

अमेरिका की तीन बड़ी ऑटो कंपनियों को राहत दिये जाने की तात्कालिक आशाओं के धूमिल होने की खबरों के बीच गुरुवार के कारोबार में डॉव जोंस 445 अंकों या 5.6% की कमजोरी के साथ बंद हुआ।

सेंसेक्स में 323 अंकों की गिरावट

कमजोर वैश्विक संकेतों के मद्देनजर गुरुवार को भी भारतीय शेयर बाजारों के लुढ़कने का सिलसिला जारी रहा। दिन भर के कारोबार में मात्र 224 अंकों के सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद सेंसेक्स 323 अंक या 3.68% नीचे 8,451 पर बंद हुआ। इस तरह सेंसेक्स ने 27 अक्टूबर के 8,510 के बंद स्तर को तोड़ दिया। एनएसई के निफ्टी सूचकांक में 82 अंकों या 3.11% की गिरावट रही और यह 2,553 पर बंद हुआ। सेंसेक्स ने दिन के कारोबार की शुरुआत में ही 27 अक्टूबर के बंद स्तर को तोड़ दिया और 8,400 के नीचे चला गया, लेकिन दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद कुछ हद तक वापसी करते हुए यह 8,451 पर बंद हुआ। इस तरह पिछले सात कारोबारी सत्रों में लगातार गिरावट दर्ज करते हुए सेंसेक्स 2,085 अंकों या लगभग 20% की चोट सह चुका है।

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