शेयर मंथन में खोजें

मुनाफे में 43.8% बढ़त के बावजूद फिसला पीएनबी हाउसिंग (PNB Housing) का शेयर

वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही के मुकाबले 2017-18 की समान अवधि में पीएनबी हाउसिंग (PNB Housing) के मुनाफे में 43.8% की बढ़ोतरी हुई है।

पीएनबी हाउसिंग ने 152.4 करोड़ रुपये की तुलना में 219.2 करोड़ रुपये का मुनाफा प्राप्त किया। इसी दौरान पीएनबी हाउसिंग की कुल आमदनी 1,438.6 करोड़ रुपये से 9.14% की बढ़त के साथ 1,570.2 करोड़ रुपये और शुद्ध ब्याज आमदनी 332.7 करोड़ रुपये से 36% ज्यादा 451.8 करोड़ रुपये हो गयी। साथ ही पीएनबी हाउसिंग का वार्षिक मुनाफा 523 करोड़ रुपये से 58% अधिक 830 करोड़ रुपये रहा।
गौरतलब है कि 2016-17 में 20,640 करोड़ रुपये की तुलना में 2017-18 में कंपनी ने 61% अधिक 33,200 करोड़ रुपये के ऋण दिये, जिनमें 69% आवासीय ऋण और शेष 31% गैर-आवासीय ऋण रहा। वहीं इसकी वार्षिक एसेट अंडर मैनेजमेंट 41,500 करोड़ रुपये से बढ़ कर 62,250 करोड़ रुपये और बकाया ऋण 31 मार्च 2018 की समाप्ति पर 48% ज्यादा 57,000 करोड़ रुपये के रहे। हालाँकि पीएनबी हाउसिंग का वार्षिक लागत आय अनुपात 22.43% से कम होकर 19.54% रह गया।
उधर बीएसई में पीएनबी हाउसिंग का शेयर 1,414.35 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले आज 1,418.80 रुपये पर खुला और कारोबार के बीच में 1,349.80 रुपये की तलहटी तक गिरा। करीब पौने 3 बजे कंपनी के शेयरों में 41.35 रुपये या 2.92% की कमजोरी के साथ 1,373.00 रुपये पर लेन-देन हो रही है। (शेयर मंथन, 04 मई 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख