शेयर मंथन में खोजें

अमेरिका के रोजगार आँकड़े और आरबीआई-पॉवेल पर रहेगी बाजार की नजर : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक बुधवार (04 दिसंबर) को सकारात्मक घरेलू कारकों और कमजोर एशियाई संकेतों के कारण अस्थिर कारोबारी सत्र के बीच निफ्टी 24,467 (0.04%) के स्तर पर सपाट बंद हुआ। 

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमश: 1% और 0.9% की तेजी के साथ ही अच्छा प्रदर्शन रहा, जो पिछले तीन हफ्ते से लगातार बढ़ रहा है। पीएसयू बैंक सूचकांक में 2.3% की उछाल आयी। इसे लोकसभा द्वारा मंगलवार को बैंकिंग कानून (संशोधन विधेयक) 2024 पारित किया गया, इसमें बैंकिंग क्षेत्र में शासन में सुधार करने के मकसद से कई महत्वपूर्ण बदलाव पेश किये गये। 

इसके अलावा इस हफ्ते के आखिर में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आगामी मौद्रिक नीति की समीक्ष बैठक में नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कटौती की उम्मीद है। 21,772 करोड़ रुपये के 5 अहम अधिग्रहण प्रस्तावों पर रक्षा अधिग्रहण परिषद की मंंजूरी मिलने के बाद रक्षा स्टॉक भी केंद्र में रहे। 

भारत का सेवा क्षेत्र का पीएमआई नवंबर में 58.4 रहा, जो पिछले महीने 58.5 पर रहा था। जीडीपी वृद्धि के 7 तिमाहियों के निचले स्तर 5.4% पर पहुँचने के बावजूद सेवा क्षेत्र दूसरी तिमाही में स्थिर बना रहा है। विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को 3,665 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे, जिससे बाजार की भावना को प्रोत्साहन मिला। 

बाजार कल आने वाली अमेरिकी फेड प्रमुख पॉवेल की टिप्पणी और अमेरिका में रोजगार आँकड़ों पर नजर रखेगा। आगे बढ़ते हुए हमें उम्मीद है कि सरकारी नीतियों में सकारात्मक विकास और आरबीआई के आगामी नीतिगत निर्णयों के परिणामस्वरूप तरलता में संभावित वृद्धि से प्रेरित होकर निफ्टी धीरे-धीरे ऊपर बढ़ने की रफ्तार कायम रखेगा।

(शेयर मंथन, 04 दिसंबर 2024) 

(आप भी किसी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख