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5 टायर कंपनियों पर सीसीआई का 1650 करोड़ रुपये का जुर्माना

भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग यानी सीसीआई (CCI) ने टायर बनाने वाली कंपनियों और उनके संगठन पर साठ गांठ (कार्टेलाइजेशन) के आरोप में जुर्माना लगाया है।

सीसीआई ने 31 अगस्त 2018 को 5 टायर कंपनियों के खिलाफ अंतिम आदेश जारी किया था। इन पांच कंपनियों में अपोलो टायर्स, एमआरएफ (MRF), सिएट, जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज और बिड़ला टायर शामिल है। इन पांच टायर कंपनियों पर सीसीआई ने करीब 1650 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इन कंपनियों पर आरोप है कि ये आपूर्ति कम करके कीमतों में बढ़ोतरी करती थीं।

सीसीआई (CCI) 2018 से इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन टायर कंपनियों ने अपने एसोसिएशन के साथ इस मामले को मद्रास हाइकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि पिछले महीने, मद्रास उच्च न्यायालय ने सीसीआई (CCI) को अपना आदेश पारित करने की अनुमति दी थी, जब सीसीआई ने एक बंद लिफाफे में हाइकोर्ट को अपनी रिपोर्ट पेश की थी।

रिपोर्ट में पाया गया कि टायर कंपनियां बिक्री, उत्पादन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां आपस में साझा करती थी जिससे कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति पर नियंत्रण आसान होता था। सीसीआई ने अपोलो टायर पर 425 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एमआरएफ (MRF) पर 622 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं सिएट पर 252 करोड़ रुपये, जेके टायर पर 309 करोड़ रुपये और बिड़ला टायर पर 178 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। (शेयर मंथन, 02 फरवरी 2022)

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