शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार

नये ब्रेकआउट से पहले सीमित दायरे में रहेंगे बाजार, अहम स्तरों को समझें : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक बीते हफ्ते बेंचमार्क सूचकांकों में निम्न स्तरों से महत्वपूर्ण वापसी देखने को मिली। निफ्टी 0.75% ऊपर, जबकि सेंसेक्स में 524 अंकों की तेजी आयी। 

Sensex-Nifty में आज तेजी के साथ कारोबार के संकेत, गिफ्ट निफ्टी में बढ़त

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार (06 जनवरी) को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.10 बजे के आसपास 56.00 अंकों की बढ़त दिखायी दे रही है और ये 0.23% की तेजी के साथ 24,142.00 के स्तर के आसपास नजर आ रहा है।  

बाजार में रहेगी स्टॉक/क्षेत्र आधारित गतिविधियाँ, स्तरों को समझें : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक भारतीय शेयर बाजार आज सपाट खुले, मगर जल्द ही बिकवाली के दबाव में आ गये। निफ्टी दिन के निम्न स्तर के नजदीक 24005 (0.8%) के स्तर पर बंद हुआ। 

दैनिक चार्ट पर तेजी की कैंडल आगे तेजी बने रहने का दे रही संकेत : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक गुरुवार को बेंचमार्क सूचकांकों में तीव्र रैली आयी, जिसके बाद निफ्टी 446 अंक ऊपर, जबकि सेंसेक्स में 1436 अंकों की तेजी दर्ज की गयी। 

Subcategories

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख