शेयर मंथन में खोजें

निवेशकों को सोने और चांदी को लेकर क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट से जानिए भाव में आएगी तेजी या नहीं

निवेशकों को सोने और चांदी को लेकर क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि सोने और चाँदी के भाव में आगे क्या होने की संभावना है?

 बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि वर्तमान समय में सोना और चांदी जैसे हार्ड एसेट्स निवेशकों के लिए सुरक्षित ठिकाना बने हुए हैं। 2030 तक जिन एसेट्स को स्थिर माना जाता था, वे अब तेजी से बदलते हालात में और भी आकर्षक दिख रहे हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता, व्यापारिक असंतुलन और केंद्रीय बैंकों के आरक्षित फंडों में बदलाव की वजह से इन धातुओं की मांग लगातार बनी हुई है। यही कारण है कि सोना और चांदी को आज भी सबसे सुरक्षित और स्वीकार्य निवेश विकल्प माना जा रहा है।  निवेशकों को चाहिए कि वे हर सकारात्मक स्थिति में भी अपने जोखिम प्रबंधन को स्पष्ट रखें। अत्यधिक उत्साह या ‘इर्रेशनल एक्ज्यूबेरेंस’ (Irrational Exuberance) के समय बाजार तेजी से ऊपर जाता है, लेकिन अचानक मंदी भी आ सकती है। इसलिए सही रणनीति यही होगी कि सोने या चांदी में निवेश करते समय दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाएँ, अपने लक्ष्य मूल्य और स्टॉप लॉस स्पष्ट रखें और हर स्तर पर सावधानी बरतें।


(शेयर मंथन, 29 सितंबर 2025)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख