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जीडीपी की हकीकत क्या है? विश्लेषक से जानें भारत की जीडीपी और आर्थिक संकेत क्या है?

भारत की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में जीडीपी डेटा ने बाज़ार को सकारात्मक सरप्राइज दिया है। निर्माण और सेवा क्षेत्र दोनों ही मजबूत बने हुए हैं। जानें जीडीपी की सच्चाई मुख्य अर्थशास्त्री इंडिया रेटिंग देवेंद्र कुमार पंत और बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार क्या कहते है?

भूले-बिसरे, पुराने बैंक खाते और उसमें पड़ी अनक्लेम्ड राशि की जानकारी उद्गम पोर्टल पर ढूँढें

अगर आपने कभी किसी बैंक में खाता खुलवाया था और फिर उसे भूल गए, तो जरा ध्यान दीजिए। क्योंकि ऐसा ही पैसा, जिसे न तो निकाला गया, न ही इस्तेमाल किया गया, अब बड़ी रकम बन चुका है। जून 2025 के अंत तक, भारतीय बैंकों में कुल 67,003 करोड़ रुपये की अनक्लेम्ड डिपॉजिट राशि पड़ी हुई है। ये जानकारी संसद में 28 जुलाई को सरकार ने दी।

जून में 10 महीने में सबसे कम तेजी से बढ़ी भारत की औद्योगिक उत्पादन दर, पहली तिमाही भी कमजोर

भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ को लेकर जून 2025 के आँकड़े थोड़े निराशाजनक हैं। ताजा सरकारी आँकड़ों के मुताबिक, जून में औद्योगिक उत्पादन दर (आईआईपी) सिर्फ 1.5% बढ़ा, जो पिछले 10 महीनों की सबसे कमजोर वृद्धि है। मई में ये दर 1.9% थी। इतना ही नहीं, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भी इंडस्ट्रियल ग्रोथ सुस्त रही और सिर्फ 2% की बढ़त दर्ज हुई, जो पिछले तीन सालों में पहली तिमाही का सबसे धीमा प्रदर्शन है।

FY 2025-26 Q1: सिप्ला का कंसोलिडेटेड मुनाफा बढ़ा, बजाज फिनसर्व ने भी किया दमदार प्रदर्शन

सिप्ला (Cipla Ltd)

सिप्ला ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 1,178 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,298 करोड़ रुपये हो गया है, यानी साल-दर-साल साफ बढ़त मिली है। इसके साथ ही कुल आय भी 6,694 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,957 करोड़ रुपये पहुंच गई। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी ने सुधार दिखाया है।

FY 2025-26 Q1: चेन्नई पेट्रोलियम को हुआ घाटा, श्रीराम फाइनेंस ने किया शानदार प्रदर्शन

चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (Chennai Petroleum Corporation Ltd)

चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के नतीजों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पिछली तिमाही में जहाँ कंपनी ने 470 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था, इस बार वही मुनाफा बढ़कर 40 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड घाटा बन गया है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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