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महँगाई दर में हल्की बढ़ोतरी

महँगाई दर में पिछले हफ्ते की तुलना में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महँगाई दर 17 जनवरी 2009 को खत्म हुए हफ्ते में बढ़ कर 5.64% हो गयी है। पिछले साल ठीक इसी अवधि में महँगाई दर 4.45% रही थी। 10 जनवरी 2009 को खत्म हुए हफ्ते में महँगाई दर 5.60% दर्ज की गयी थी। गौरतलब है कि अगस्त 2008 में 12.91% के उच्चतम स्तर पर जाने के बाद इसमें गिरावट  का सिलसिला शुरू हो गया था।

बैंक ऑफ बड़ौदा का मुनाफा 41.3% बढ़ा

बैंक ऑफ बड़ौदा के लाभ में कारोबारी साल 2008-09 की तीसरी तिमाही में 41.3% की वृद्धि दर्ज की गयी है। बैंक का लाभ अक्टूबर-दिसंबर 2008 की तिमाही में 708.37 करोड़ रुपये रहा है, जबकि पिछले वर्ष 2007 की इसी तिमाही में यह 501.05 करोड़ रुपये था। इस दौरान बैंक की आय में भी बढ़ोतरी हुई है। साल 2008 की दिसंबर तिमाही में इसे 4954.49 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि साल 2007 की इसी तिमाही में इसकी आय 3620.18 करोड़ रुपये रही थी।

गैमन इंडिया का लाभ 73.4% घटा

गैमन इंडिया के लाभ में अक्टूबर-दिसंबर 2008 तिमाही में 73.4% की कमी आयी है। कंपनी का कर-पश्चात-लाभ (पीएटी) अक्टूबर-दिसंबर 2008 की तिमाही में 5.1 करोड़ रुपये रहा है, जबकि पिछले वर्ष 2007 की इसी तिमाही में कंपनी का पीएटी 19.2 करोड़ रुपये था। इस दौरान गैमन इंडिया की आय में वृद्धि हुई है। दिसंबर 2008 में खत्म तिमाही में कंपनी की आय 653.64 करोड़ रुपये रही है, जबकि पिछले वर्ष 2007 की इसी तिमाही में यह 523.06 करोड़ रुपये रही थी। 

पावर ग्रिड के लाभ में मामूली कमी

ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के मुनाफे में 3.1% की मामूली कमी आयी है। कंपनी का कर-पश्चात-लाभ (पीएटी) अक्टूबर-दिसंबर 2008 की तिमाही में 372.35 करोड़ रुपये रहा है, जबकि पिछले वर्ष 2007 की इसी तिमाही में कंपनी का पीएटी 384.28 करोड़ रुपये था। हालाँकि इस दौरान पावर ग्रिड की आमदनी में बढ़ोतरी हुई है। दिसंबर 2008 में खत्म तिमाही में कंपनी की आय 1562.67 करोड़ रुपये रही है, जबकि पिछले वर्ष 2007 की इसी तिमाही में यह 1184.77 करोड़ रुपये रही थी।

तेल-गैस में रिलायंस सबसे ज्यादा पसंद, लक्ष्य 1,550 रु.: सीएलएसए

सीएलएसए ने भारत के तेल-गैस क्षेत्र में रिलायंस इंडस्ट्रीज को अपना सबसे पसंदीदा शेयर मानते हुए इसका लक्ष्य भाव 1,550 रुपये रखा है। सीएलएसए की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इसके तेल-गैस विश्लेषक सोमशंकर सिन्हा का कहना है कि रिलायंस की नयी परियोजनाएँ न केवल इसे रिफाइनिंग और केमिकल्स कारोबार में मौजूदा गिरावट के दौर से उबरने में मदद करेंगीं, बल्कि अगले 2 सालों में इसकी आमदनी में काफी अच्छा इजाफा भी करेंगीं।

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