बेस मेटल की कीमतों में नरमी का रुझान - एसएमसी
बेस मेटल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं। तांबे की कीमतों को 743 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 737 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
बेस मेटल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं। तांबे की कीमतों को 743 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 737 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने आज अपनी रिपोर्ट मोमेंटम पिक्स में मंगलवार (08 जून) के एकदिनी कारोबार के लिए निफ्टी (Nifty), वोल्टास (Voltas) और एम्फैसिस (Mphasis) के शेयर खरीदने की सलाह दी है। साथ ही इसने 14 दिनों के लिए राइट्स (Rites), कोल्टे पाटिल (Kolte patil), ईआईडी पैर्री (EID Parry) में खरीदारी की सलाह दी है।
एयूएम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने मंगलवार (08 जून) के एकदिनी कारोबार के लिए मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स (Mazagon Dock Shipbuilders), आईआरसीटीसी (IRCTC), फिलिप्स कार्बन ब्लैक (Phillips Carbon Black), बर्गर किंग इंडिया (Burger King India) और टोरेंट पावर (Torrent Power) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।
एमसीएक्स पर कॉटन वायदा (जून) की कीमतों की तेजी पर रोक लग सकती है और कीमतों को 24,000 रुपये के पास रुकावट का सामना करना पड़ सकता है।
ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता की धीमी गति के साथ-साथ ओपेक और सहयोगियों द्वारा आपूर्ति को धीरे-धीरे बहाल करने की योजना पर टिके रहने के फैसले से कच्चे तेल की कीमतें एक साल से अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुँच गयी है।
बेस मेटल की कीमतें एक दायरे में कारोबार कर सकती हैं क्योंकि मजबूत अमेरिकी आँकड़ों, वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेतों के बीच कम आपूर्ति और और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से मजबूत माँग होने के कारण कीमतों को मदद मिल सकती है जबकि चीन का युआन डॉलर के मुकाबले तीन साल के उच्च स्तर से कमजोर हुआ है जिससे दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता वस्तुओं के खरीदारों के लिए डॉलर में धातुओं की कीमत महँगी हो गयी।
सोयाबीन वायदा (जून) की कीमतों के 6,600-7,300 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
मजबूत अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों के बाद डॉलर के मजबूत होने और बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी के कारण सोने की कीमतें दो सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुँच गयी है और तीन महीने में सबसे अधिक साप्ताहिक गिरावट हुई है।
हल्दी वायदा (जून) की कीमतों में 8,000-8,100 रुपये के पास बाधा के साथ 7,700-7,500 रुपये तक गिरावट देखी जा सकती है।
कच्चे तेल में उच्च स्तर पर बिकवाली होने की संभावना हैं और कीमतों को 5,120 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 5,040 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
बेस मेटल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं। तांबे की कीमतों को 745 के स्तर पर रुकावट के साथ 740 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
सर्राफा की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना है। सोने (अगस्त) की कीमतों को 49,100 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 48,700 रुपये पर सहारा रह सकता है जबकि चांदी (जुलाई) की कीमतों में 71,900 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 71,100 रुपये पर सहारा रह सकता है।
बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 ने 15,734 का एक नया रिकॉर्ड स्तर छू लिया है।
एमसीएक्स पर कॉटन वायदा (जून) की कीमतों की तेजी पर रोक लग सकती है और कीमतों को 24,000-24,100 रुपये के पास बाधा का सामना करना पड़ सकता है।
सोयाबीन वायदा (जून) की कीमतों के 6,970-7,070 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की संभावना है। मौजूदा खरीफ सीजन में यह देखा गया है कि किसान सोयाबीन की अधिक खेती करने का विकल्प चुन सकते हैं।
हल्दी वायदा (जून) की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद 8,000-8,100 रुपये के पास बाधा के साथ 7,700-7,600 रुपये तक गिरावट देखी जा सकती है।