कच्चे तेल की कीमतों में 7,890-8,050 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना - एसएमसी
कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
बेस मेटल की कीमतों में मिला-जुला रुझान रहने की संभावना है। तांबे की कीमतें 784-792 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है।
सर्राफा में मुनाफा वसूली होने की संभावना है। लेकिन कुल मिलाकर कीमतों में तेजी का रुझान है।
विश्व बाजार में तेजी के रुझान के कारण कॉटन वायदा (मार्च) की कीमतों में सोमवार को 1.3% कीबढ़ोतरी हुई है।
निचले स्तर पर खरीदारी के कारण हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतें सोमवार को मामूली बढ़त के साथ बंद हुई।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने आज अपनी रिपोर्ट मोमेंटम पिक्स में बुधवार (02 मार्च) के एकदिनी कारोबार के लिए हिंडाल्को (Hindalco) के शेयर खरीदने और निफ्टी (Nifty), डॉ रेड्डी (Dr Reddy) के शेयर बेचने की सलाह दी है।
एयूएम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने बुधवार (02 मार्च) के एकदिनी कारोबार के लिए पैनेसिया बायोटेक (Panacea Biotec), दीपक फर्टिलाइजर्स (Deepak Fertilizers), वेदांत फैशन्स (Vedant Fashions), टाटा स्टील (Tata Steel) और नुवोको विस्टास कॉर्प (Nuvoco Vistas Corp) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।
ऑटो कंपनियों ने फरवरी महीने के बिक्री आंकड़े जारी किए हैं।
पराग मिल्क फूड्स ने दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टेक महिंद्रा ने मेटावर्स को उतारा है।
वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेतों के कारण भारतीय बाजार की आज कमजोर शुरुआत हुई।
उच्च स्तर पर मुनाफावसूली से कॉटन वायदा (मार्च) की कीमतें लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुई।
बेस मेटल की कीमतें तेजी के रुझान के साथ एक दायरे में कारोबार कर सकती है क्यांकि आपूति बाधित होने की आंशका से कीमतों को मदद मिल रही है क्यांकि पश्चिम ने यक्रूने पर आक्रमण करने के बाद रूस पर कई प्रतिबध लगाये है।
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधन को लेकर चिंता बढ़ने के बाद, तेल की कीमतों में उछाल आया, और ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें 2014 के बाद पहली बार 105 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गयी।
पिछले सप्ताह में बड़े उतार-चढ़ाव के बाद सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गयी जहाँ कीमतें कम होने से पहले 5% तक उछल गयी, क्योंकि निवेशकों ने यूक्रेन संकट के नतीजे और रूस के खिलाफ पश्चिम द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधें का पुनर्मूल्यांकन किया।
नये सीजन की आवक की खबरों और युद्ध की स्थितियों के बीच यूरोपीय देशों को निर्यात प्रभावित होने की आशंका के कारण पिछले सप्ताह हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतें गिरावट के साथ बंद हुई।