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हल्दी में मंदी, धनिया में बढ़त की उम्मीद - एसएमसी

हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है।
हल्दी की कीमतों को 6,735 रुपये के नजदीक रुकावट का सामना करना पड़ सकता है।
इरोद में हल्दी की बिक्री कम हो गयी है। बाजारों में केवल मध्यम और खराब क्वालिटी की हल्दी की ही आवक हुई है, इसलिए खरीदारों ने स्थानीय माँग को पूरा करने के लिये ही खरीदारी की है। कुल आवक के केवल 40% हल्दी की ही बिक्री हुई है। फिंगर वेरायटी की कीमतों में 300 रुपये/क्विंटल की गिरावट हुई है, जबकि रूट वेरायटी की कीमतों में 200 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट हुई है।
जीरा वायदा (दिसंबर) में 20,280 रुपये के नजदीक निचले स्तर पर खरीदारी हो सकती है और कीमतों की गिरावट पर रोक लगी रह सकती है। सामान्य आवक के बीच बेहतर माँग के कारण देश के प्रमुख हाजिर बाजारों में जीरे की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। गुजरात के ऊँझा, राजकोट और गोंदल में जीरे की कीमतों में 15-25 रुपये प्रति 20 किलो ग्राम की बढ़ोतरी हुई है, जबकि राजस्थान के बाजारों में 100-150 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम की बढ़ोतरी हुई है।
धनिया वायदा (दिसंबर) की कीमतों में 6,335 रुपये के स्तर पर सहारे के साथ बढ़त जारी रह सकती हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश के बाजारों में धनिया की कीमतों में 100-150 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम की बढ़ोतरी हुई है, जबकि गुजरात के बाजारों में कीमतों में 35-50 रुपये प्रति 20 किलो ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। सूत्रों के अनुसार राजस्थान और गुजरात में सूखे की स्थिति के कारण इस वर्ष बुआई में कमी हो सकती है। (शेयर मंथन, 13 नवंबर 2018)

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