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नेचुरल गैस में तेजी, कच्चे तेल की कीमतों में उच्च स्तर पर बिकवाली होने की संभावना - एसएमसी

कच्चे तेल में उच्च स्तर पर बिकवाली होने की संभावना हैं और कीमतों को 5,080 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 4,990 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।

बेस मेटल की कीमतों में नरमी का रुझान - एसएमसी

बेस मेटल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं। तांबे की कीमतों को 743 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 737 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में एक साल से अधिक समय के उच्च स्तर पर रहने की संभावना - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता की धीमी गति के साथ-साथ ओपेक और सहयोगियों द्वारा आपूर्ति को धीरे-धीरे बहाल करने की योजना पर टिके रहने के फैसले से कच्चे तेल की कीमतें एक साल से अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुँच गयी है।

बेस मेटल में एक दायरे में कारोबार करने की संभावना - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

बेस मेटल की कीमतें एक दायरे में कारोबार कर सकती हैं क्योंकि मजबूत अमेरिकी आँकड़ों, वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेतों के बीच कम आपूर्ति और और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से मजबूत माँग होने के कारण कीमतों को मदद मिल सकती है जबकि चीन का युआन डॉलर के मुकाबले तीन साल के उच्च स्तर से कमजोर हुआ है जिससे दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता वस्तुओं के खरीदारों के लिए डॉलर में धातुओं की कीमत महँगी हो गयी।

कच्चे तेल की कीमतों में उच्च स्तर पर बिकवाली होने की संभावना - एसएमसी

कच्चे तेल में उच्च स्तर पर बिकवाली होने की संभावना हैं और कीमतों को 5,120 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 5,040 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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