शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी (Nifty) गिर कर 6,483 पर, सेंसेक्स (Sensex) 93 अंक नीचे

भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक आज गिरावट के साथ बंद हुए।

निफ्टी (Nifty) 6,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स (Sensex) 93 अंक यानी 0.42% की गिरावट के साथ 21,740 पर  रहा। निफ्टी 41 अंक यानी 0.63% गिर कर 6,483 पर बंद हुआ। सीएनएक्स मिडकैप (CNX Midcap) में 0.75% की गिरावट रही। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 0.36% की कमजोरी और बीएसई स्मॉलकैप (BSE Smallcap) में 0.06% की बढ़त रही। क्षेत्रों के लिहाज से आज रियल्टी और कैपिटल गुड्स क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बिकवाली का रुख रहा।

कमजोर एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। कारोबार के दूसरे घंटे में ही निफ्टी 6,500 के स्तर से नीचे फिसल गया। हालाँकि जल्दी ही निफ्टी इस स्तर से ऊपर पहुँच गया। इसके बाद जैसे-जैसे बाजार बढ़ता गया, बाजार की गिरावट कम होती चली। कमजोर यूरोपीय संकेतों के बीच सेंसेक्स हरे निशान पर लौट आया। इस दौरान सेंसेक्स 21.853 और निफ्टी 6,524 दिन के ऊपरी स्तरों पर रहे। लेकिन, सेंसेक्स जल्द ही लाल निशान पर फिसल गया। इस दौरान निफ्टी 6,500 के स्तर के ऊपर-नीचे होता रहा। दोपहर के कारोबार में बाजार की गिरावट बढ़ी, लेकिन कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार की गिरावट तेज हुई। आखिरकार, निफ्टी 6,500 के स्तर से नीचे फिसल गया। इस दौरान सेंसेक्स 21,705 और निफ्टी 6,473 दिन के निचले स्तरों तक लुढ़क गये। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में गिरावट के साथ ही बंद हुए।

क्षेत्रों के लिहाज से आज रियल्टी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 2.23% की गिरावट रही। कैपिटल गुड्स में 1.94%, पावर में 1.62%, बैंकिंग में 1.36%, धातु में 1.20% और ऑटो में 1.04% की गिरावट रही। तेल-गैस में 0.21%, एफएमसीजी में 0.16% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.10% की कमजोरी रही। दूसरी ओर, आईटी में 1.69% और टीईसीके में 1.23% की मजबूती रही। हेल्थकेयर में 0.17% की बढ़त रही। (शेयर मंथन, 20 मार्च 2014)

 

 

 

 

 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख