शेयर मंथन में खोजें

लंबी अवधि के लिए कोई बड़ी चिंता नहीं : संदीप सभरवाल (Sandeep Sabarwal)

छोटी अवधि के लिए तेजी के नजरिये पर इराक की स्थिति और मानसून की कमजोरी का असर पड़ा है।

इराक का संकट और वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति अगले छह महीनों के लिए भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला सबसे प्रमुख कारक रहेगा। लेकिन लंबी अवधि के लिए कोई बड़ी चिंता नहीं दिख रही है। अभी बाजार के लिए सकारात्मक पहलुओं में नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री बनना, विकास दर में फिर तेजी आने की उम्मीद, उद्यमिता की ऊर्जा का विस्फोट होना और कंपनियों की आय में वृद्धि की दर का तेज होना प्रमुख हैं। संदीप सभरवाल, सीआईओ, सन कैपिटल Sandeep Sabarwal, CIO, Sun Capital) 

(शेयर मंथन, 08 जुलाई 2014)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख