शेयर मंथन में खोजें

शेयरों पर नजर (Stocks to Watch) : टाटा स्टील, जेट एयरवेज, टाटा केमिकल्स, ऑयल इंडिया, इन्फोसिस और टीसीएस

खबरों के कारण जो शेयर आज नजर में रहेंगे उनमें टाटा स्टील, जेट एयरवेज, टाटा केमिकल्स, ऑयल इंडिया, इन्फोसिस और टीसीएस शामिल हैं।

तिमाही नतीजे आज - आईडीबीआई बैंक, एस्सार शिपिंग, एमबीएल इन्फ्रा, गायत्री प्रोजेक्ट्स, जीवीके पावर, बिलपावर, रेन इंडस्ट्रीज, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी, हाउसिंग डेवलपमेंट, रामा स्टील, ए2जेड इन्फ्रा, फोर्टिस हेल्थकेयर और जिंदल फोटो
टाटा स्टील - कंपनी का तिमाही मुनाफा 921.1 करोड़ रुपये से बढ़ कर 1,933.8 करोड़ रुपये रहा।
जेट एयरवेज - कंपनी ने 40 करोड़ डॉलर की हिस्सेदारी बेचने की खबर को काल्पनिक बताया है।
टाटा केमिकल्स - अप्रैल-जून तिमाही मुनाफा 8.2% की बढ़ोतरी के साथ 261.2 करोड़ रुपये रहा।
क्यूपिड - पहली तिमाही का मुनाफा 4.7% की बढ़ोतरी के साथ 4.5 करोड़ रुपये रहा।
रिलायंस कम्युनिकेशंस - 30 करोड़ डॉलर के नोट्सधारकों की बैठक अब 24 अगस्त को होगी।
ऑयल इंडिया - कंपनी का मुनाफा 56.2% की बढ़ोतरी के साथ 703 करोड़ रुपये हो गया।
डीएचएफएल - डीएचएफएल का मुनाफा 34.9% की बढ़ोतरी के साथ 435 करोड़ रुपये हो गया।
अशोक बिल्डकॉन - अप्रैल-जून तिमाही मुनाफा 56.9 करोड़ रुपये से 12.3% बढ़ कर 63.9 करोड़ रुपये रहा।
टीसीएस - एएलडीओ ग्रुप ने समझदारी से अपने आईटी संचालन को स्वचालित करने के लिए कंपनी के संज्ञानात्मक स्वचालन समाधान इग्नियो का चुनाव किया।
सन फार्मा - कंपनी ने 10 रुपये प्रति शेयर के लाभांश का ऐलान किया।
इन्फोसिस - कंपनी पश्चिम बंगाल में सॉफ्टवेयर विकास केंद्र स्थापित करेगी। (शेयर मंथन, 14 अगस्त 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख