शेयर मंथन में खोजें

शेयरों पर नजर (Stocks to Watch) : कोटक महिंद्रा बैंक, इंडियाबुल्स रियल एस्टेट, दिलीप बिल्डकॉन, डीसीबी बैंक और फोर्टिस हेल्थकेयर

खबरों के कारण जो शेयर आज नजर में रहेंगे उनमें कोटक महिंद्रा बैंक, इंडियाबुल्स रियल एस्टेट, दिलीप बिल्डकॉन, डीसीबी बैंक और फोर्टिस हेल्थकेयर शामिल हैं।

कोटक महिंद्रा बैंक - आरबीआई ने प्रमोटरों द्वारा हिस्सेदारी घटाने की योजना रद्द की।
इंडियाबुल्स रियल एस्टेट - कंपनी का मुनाफा 0.9% की गिरावट के साथ 117 करोड़ रुपये रह गया।
मोनेट इस्पात - कंपनी अप्रैल-जून में 389.7 करोड़ रुपये के घाटे में रही।
फोर्टिस हेल्थकेयर - कंपनी 22.6 करोड़ रुपये के मुनाफे की तुलना में 52.8 करोड़ रुपये के घाटे में रही।
सुवेन लाइफ साइंसेज - कंपनी का तिमाही मुनाफा 31.1% बढ़ कर 38.8 करोड़ रुपये हो गया।
एमएमटीसी - कंपनी का तिमाही मुनाफा 45.3% घट कर 9.9 करोड़ रुपये रह गया।
दिलीप बिल्डकॉन - दिलीप बिल्डकॉन का तिमाही मुनाफा 46.4% की बढ़ोतरी के साथ 255.5 करोड़ रुपये हो गया।
एमटीएनएल - एमटीएनएल का तिमाही घाटा 703.2 करोड़ रुपये के मुकाबले 943.4 करोड़ रुपये हो गया।
पुंज लॉयड - पुंज लॉयड का घाटा 194.32 करोड़ रुपये से बढ़ कर 215.64 करोड़ रुपये रहा।
ब्रिगेड एंटरप्राइजेज - ब्रिगेड एंटरप्राइजेज का मुनाफा 31.44 करोड़ रुपये से बढ़ कर 63.08 करोड़ रुपये हो गया।
फोर्टिस हेल्थकेयर - शेयरधारकों ने आईएचएच के कंपनी को खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
डीसीबी बैंक - बैंक आज से एमसीएलआर में बढ़ोतरी करेगा। (शेयर मंथन, 16 अगस्त 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख