शेयर मंथन में खोजें

महिंद्रा फाइनेंस के विशेष जमा योजना में ग्राहकों को मिलेगा ज्यादा ब्याज

महिंद्रा फाइनेंस ने ग्राहकों के लिए विशेष जमा योजना उतारा है। यह योजना खासकर वैसे ग्राहकों के लिए है जो डिजिटल तौर पर अधिक सक्रिय हैं।

इस योजना के तहत ग्राहकों को सालाना 0.20 फीसदी अधिक ब्याज मिलेगा। इसके तहत ग्राहकों को 30 महीने के जमा पर 6.20 फीसदी जबकि 42 महीनों के जमा पर 6.50 फीसदी ब्याज मिलेगा। कंपनी ने यह योजना डिजिटाइजेशन पहल के तहत उतारा है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप की एनबीएफसी कंपनी महिंद्रा फाइनेंस का मुख्य फोकस ग्रामीण और अर्ध शहरी सेक्टर पर है।
आज के डिजिटल दुनिया में जमाकर्ताओं को जमा लेने वाली कंपनियों से संपर्क करने का अवसर मिलेगा। यह योजना मौजूदा योजना के अलावा है। महिंद्रा फाइनेंस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर विवेक कर्वे के मुताबिक, कंपनी की यह योजना डिजिटल मोड के जरिए ग्राहकों को कई तरह के वित्तीय और निवेश उत्पाद मुहैया कराने के तहत उतारा गया है। महिंद्रा फाइनेंस के निर्धारित जमा योजना को क्रिसिल (CRISIL) की ओर से FAAA की रेटिंग मिली हुई है। यह रेटिंग सबसे ज्यादा सुरक्षा को संकेत करता है। जमाकर्ताओं के लिए यह योजना वेबसाइट के जरिए मुहैया होगी। निवेश के लिए ग्राहकों को https://www.mahindrafinance.com पर विजिट करना होगा।
कंपनी को विश्वास है कि ग्राहकों को कई तरह के डिजिटाइज्ड और ऑटोमेशन से जुड़ी सुविधाएं भी मिलेंगी। साथ ही बिना किसी बाधा वाला अनुभव ग्राहकों को मिलेगा। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को 0.20 फीसदी ज्यादा ब्याज मिलेगा। (शेयर मंथन, 23 फरवरी 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख