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कंपनियों की सुर्खियाँ

वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में Gail India का मुनाफा बढ़ा

सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी गेल (इंडिया) के चालू वित्त वर्ष 23-24 के दूसर तिमाही के नतीजे मंगलवार (31 अक्तूबर) को घोषित किये गये। कंपनी ने अप्रैल-सितंबर 23 की अवधि में 64,050 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने की जानकारी दी।

दूसरी तिमाही में एशियन पेंट्स के मुनाफे में 53% की बढ़ोतरी दर्ज

पेंट की दिग्गज कंपनी एशियन पेंट्स ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के मुनाफे में कंसोलिडेटेड आधार पर 53% की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का मुनाफा 782 करोड़ रुपये से बढ़कर 1232 करोड़ रुपये हो गया है।

वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में टेक महिंद्रा का मुनाफा 28.6% गिरा

आईटी कंपनी टेक महिंद्रा ने वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा कंसोलिडेटेड आधार पर 28.6% गिरा है। कंसोलिडेटेड मुनाफा 692 करोड़ रुपये से गिरकर 494 करोड़ रुपये हो गया है।

कमजोर नतीजों से गिरावट पर बंद हुआ बजाज फाइनेंस का शेयर

बजाज फाइनेंस ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 27.7% बढ़ा है। कंपनी का मुनाफा 2780.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 3550.8 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं ब्याज से शुद्ध आय में 30% की बढ़ोतरी हुई है।

दूसरी तिमाही में एचडीएफसी बैंक का मुनाफा 50.6% बढ़ा

एचडीएफसी बैंक ने एचडीएफसी के साथ विलय के बाद अपने पहले तिमाही कारोबारी नतीजे सामने रख दिये हैं। इस विलय के चलते एचडीएफसी बैंक के तमाम आँकड़ों में एक बड़ी उछाल देखने को मिली है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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