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पीपीएफएस के नए लार्ज कैप एनएफओ की रणनीति, फंड मैनेजर से जानें क्यों निवेश करें?

पीपीएफएस म्यूचुअल फंड अपने नए लार्ज कैप एनएफओ के जरिए उन निवेशकों को टारगेट कर रहा है, जो लार्ज कैप यूनिवर्स का व्यापक एक्सपोज़र चाहते हैं लेकिन अत्यधिक एक्टिव मैनेजमेंट का जोखिम नहीं लेना चाहते।

फंड मैनेजर रुकुन तारा चंदानी ने बताया कि इस फंड की खास बात यह है कि तकनीकी रूप से यह एक एक्टिव फंड होगा, लेकिन इसकी निवेश रणनीति काफी हद तक पैसिव फंड जैसी रहेगी। यानी सामान्य परिस्थितियों में यह अपने बेंचमार्क निफ्टी 100 को लगभग फॉलो करेगा और पोर्टफोलियो व इंडेक्स के बीच अंतर (एक्टिव शेयर) सीमित रहेगा।

फंड मैनेजर रुकुन तारा चंदानी के अनुसार, ऐसे कई निवेशक हैं जो चाहते हैं कि उनके पोर्टफोलियो में ज्यादा से ज्यादा लार्ज कैप कंपनियों का एक्सपोज़र हो, एक्सपेंस रेशियो कम रहे और रिटर्न इंडेक्स के आसपास ही मिले। अभी तक यह जरूरत मुख्य रूप से पैसिव या इंडेक्स फंड्स पूरी करते रहे हैं। पीपीएफएस का यह फंड उसी जरूरत को पूरा करने की कोशिश है, लेकिन एक्टिव फंड की फ्लेक्सिबिलिटी के साथ। 

इस फंड को पैसिव फंड से अलग बनाने के लिए कुछ “स्मार्ट एग्जीक्यूशन स्ट्रैटेजीज़” अपनाई जाएंगी। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई स्टॉक कैश मार्केट की तुलना में फ्यूचर्स मार्केट में सस्ता मिल रहा है, तो फंड कैश के बजाय फ्यूचर्स के जरिए एक्सपोज़र ले सकता है। इसी तरह, बाजार में पैनिक के दौरान अगर निफ्टी 50 या निफ्टी 100 के इंडेक्स फ्यूचर्स डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे हों, तो अलग-अलग शेयर खरीदने के बजाय इंडेक्स फ्यूचर्स के जरिए एक्सपोज़र लिया जा सकता है।

मर्जर और डीमर्जर जैसी स्पेशल सिचुएशंस में भी यह फंड एक्टिव तरीके से काम करेगा। मर्जर के मामलों में मर्जर रेशियो के हिसाब से जो कंपनी सस्ती हो, उसी में निवेश किया जा सकता है ताकि समान एक्सपोज़र कम कीमत पर मिले। डीमर्जर के दौरान, जब इंडेक्स फंड्स एक ही दिन में जबरदस्त बिकवाली करते हैं, तब यह फंड धीरे-धीरे और बेहतर कीमतों पर एग्जिट या एंट्री कर सकता है। इसी तरह, इंडेक्स रीबैलेंसिंग के समय एक ही दिन में ट्रांजैक्शन करने के बजाय इसे 15–25 दिनों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिससे इंपैक्ट कॉस्ट कम हो सके।

हालांकि, फंड मैनेजर साफ तौर पर कहते हैं कि इस फंड को अल्फा जनरेशन के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। यह उन निवेशकों के लिए है जो इंडेक्स जैसे रिटर्न से संतुष्ट हैं और ज्यादा एक्टिव रिस्क नहीं लेना चाहते। अपनाई गई स्ट्रैटेजीज़ का मकसद बड़े अल्फा की बजाय नेट रिटर्न्स को थोड़ा बेहतर बनाना और अनावश्यक लागत को कम करना है।

आगे के बाजार परिदृश्य को लेकर पीपीएफएस का हाउस व्यू यह है कि लंबी अवधि, यानी पांच साल या उससे ज्यादा के निवेशकों के लिए इक्विटी अब भी एक आकर्षक एसेट क्लास है। मौजूदा समय में लार्ज कैप शेयरों के वैल्यूएशन मिड और स्मॉल कैप की तुलना में ज्यादा संतुलित और आकर्षक नजर आते हैं। जहां ऐतिहासिक रूप से मिड और स्मॉल कैप लार्ज कैप के मुकाबले डिस्काउंट पर ट्रेड करते रहे हैं, वहीं फिलहाल वे प्रीमियम पर दिख रहे हैं।

इसी वजह से, जोखिम–रिवार्ड के लिहाज से लार्ज कैप सेगमेंट को फिलहाल बेहतर माना जा रहा है। जिन निवेशकों का निवेश क्षितिज लंबा है और जो अपने पोर्टफोलियो के कोर इक्विटी एलोकेशन के लिए अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला विकल्प चाहते हैं, उनके लिए यह नया लार्ज कैप फंड एक उपयुक्त विकल्प के रूप में सामने आ सकता है।


(शेयर मंथन, 22 जनवरी 2026)

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