शेयर मंथन में खोजें

News

गेल इंडिया ने एलएनजी जहाज के लिए के-लाइन के साथ चार्टर अनुबंध पर हस्ताक्षर किये

तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के वितरण में लगी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल इंडिया (GAIL India) ने एलएनजी जहाजों के बेड़े का विस्तार करने के मकसद से शुक्रवार (29 नवंबर) को सिंगापुर की जहाज कंपनी कावासाकी किसेन कीशा (के-लाइन) के साथ एक नव-निर्मित जहाज के लिए लंबी अवधि के चार्टर अनुबंध पर दस्तखत किये हैं। इस जहाज के 2027 में परिचालन शुरू करने की उम्मीद है। के-लाइन के पास एलएनजी परिवहन में 40 वर्षों का अनुभव है।

अदाणी समूह को एक और झटका, मूडीय ने 7 कंपनियों की रेटिंग घटाकर नकारात्मक की

अदाणी ग्रुप की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अमेरिका में रिश्वत देने के विवाद के बाद अब अंतरराष्ट्रीज रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) ने समूह की सात कंपनियों की रेटिंग घटाने की जानकारी दी है। 

एसऐंडपी ने भी भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटाया, जानें क्या कारण हैं जिम्मेदार

गोल्डमैन सैक्स के बाद एक और अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एस एंड पी ने अगले दो सालों के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि अनुमान में संशोधन किया है। अमेरिकी एजेंसी ने इसके लिए ऊँची ब्याज दरों और सरकारी खर्चों में कटौती से शहरी माँग के कमजोर होने को इसके लिए जिम्मेदार बताया है।

ट्रंप सरकार की नीतियों से भारत को होंगे कई फायदे, आईटी-दवा-डिफेंस कंपनियों को मिलेंगे नये मौके

नये साल की शुरुआत के साथ अमेरिका में डोनाल्यीड ट्रंप के नेतृत्व में नयी सरकार अस्तित्व में आ जायेगी। डोनाल्ड ट्रंप की सरकार बनने के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार पर बड़े असर दिख सकते हैं। भारत भी उनसे अप्रभावित नहीं रहने वाला है। मोतीलाल ओसवाल की एक हालिया रपट की मानें तो ट्रंप सरकार की व्यापार नीतियाँ भारत को भी सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती हैं।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख